रामपुर: आजम खां ने जताई नाराजगी, विधानमंडल दल की बैठक में नहीं हुए शामिल

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रामपुर, अमृत विचार। पूर्व कैबिनेट मंत्री और शहर विधायक मोहम्मद आजम खां विधानमंडल की बैठक में शामिल नहीं हुए। रविवार को आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम दोनों रामपुर में रहे। आजम खां ने सीतापुर जेल से जमानत पर छूटने के बाद शुक्रवार को रामपुर पहुंचने पर कहा था कि उनके साथ अपनों ने …

रामपुर, अमृत विचार। पूर्व कैबिनेट मंत्री और शहर विधायक मोहम्मद आजम खां विधानमंडल की बैठक में शामिल नहीं हुए। रविवार को आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम दोनों रामपुर में रहे। आजम खां ने सीतापुर जेल से जमानत पर छूटने के बाद शुक्रवार को रामपुर पहुंचने पर कहा था कि उनके साथ अपनों ने ही धोका किया है। इस जुमले के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। रविवार को लखनऊ में हुई विधानमंडल दल की बैठक में नहीं जाकर आजम खां ने अपनी नाराजगी जता दी है। रविवार की सुबह से ही उनके आवास पर लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई।

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और आजम खां के बीच की नाराजगी रविवार दोपहर को लखनऊ में प्रस्तावित सपा विधानमंडल की बैठक में शामिल होने के लिए न जाने से उजागर हो गई है। पिछले करीब एक माह से सपा के कद्दावर नेता आजम खां और उनके समर्थक सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।

आजम खां के रामपुर पहुंचने पर आजम खां जिंदाबाद, देखो-देखो कौन आया, शेर आया-शेर आया और इंकलाब जिंदाबाद के नारे तो गूंजे लेकिन, एक भी नारा अखिलेश यादव जिंदाबाद, मुलायम सिंह जिंदाबाद या समाजवादी पार्टी जिंदाबाद का नहीं लगा। आजम खां के समर्थक अखिलेश यादव पर सीधे हमला बोल रहे हैं जबकि, आजम खां अपने मखसूस अंदाज में इशारों में ही सब कुछ कहे दे रहे हैं।

आजम खां यूपी की सियासत में बदलाव की इबारत लिखने की तैयारी में हैं वह तमाम मुस्लिम मरकजों के सरबराहों से मुलाकात करने की बात कह चुके हैं। इसके अलावा उनसे मिलने जमीयत उलेमा ए हिंद के जिम्मेदारान, समेत मौलाना तौकीर रजा भी मिले। इससे पहले तमाम सपा से निष्कासित नेताओं ने आजम खां को अपना दर्द सुनाया।

सीतापुर जेल से करीब सवा दो साल बाद जमानत पर आए आजम खां के यह बोल कि मुसलमानों की तबाही में उनका वोट बहुत बड़ा जिम्मेदार है मुसलमानों का वोट तमाम राजनैतिक दलों के समीकरण बिगाड़ देता है। आजम खां का यह कहना कुछ न कुछ इशारा करता है राजनीति के पंडित इस बयान को मुसलमानों के वोट को बड़ी ताकत मान रहे हैं और आजम खां इन मुस्लिम वोटों के सहारे आगे का तानाबाना बुनना चाहते हैं।

जेल में रहते हुए आजम खां पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव और कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम से मुलाकात कर चुके हैं। लखनऊ में दोपहर 12 बजे से हो रही विधानमंडल की बैठक में आजम खां और अब्दुल्ला आजम का नहीं पहुंचना कुछ इशारे जरूरत करता है। क्योंकि, आजम खां का स्वास्थ्य भी सही है और वह शनिवार को तारीख पर पहुंचे, एक वकील की माता के पुरसे के लिए गए और घर और यूनिवर्सिटी पर सपा नेताओं, छात्र-छात्राओं के अलावा जिलेभर के लोगों से मिले और मुलाकात की।

शनिवार-रविवार की दरमियानी रात मौलाना तौकीर रजा खां से लंबी गुफ्तुगू की। आजम खां और अब्दुल्ला आजम विधान मंडल की बैठक में शामिल नहीं हुए। आजम खां अखिलेश यादव पर साफ-साफ कुछ नहीं बोल रहे हैं। बल्कि मुलायम सिंह यादव बाबत कहा कि वह बड़े लोग हैं हो सकता है उनके पास मेरा नंबर नहीं हो। नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के मामले में कहा कि इस पद से उनका कद बहुत बड़ा है।

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