बड़ा खेल: ब्रांडेड कंपनियों के स्टाॅल से बिक रहे घरेलू उत्पाद
मुरादाबाद, अमृत विचार। रेलवे स्टेशन के स्टालों पर घरेलू खाद्य सामग्री बेची जा रही है। यहां ब्रांडेड कंपनी के स्टाल पर खुले डिब्बे के सामान बेचे जा रहे हैं। जबकि रेल प्रबंधन वेंडरों के लिए मेडिकल प्रमाण पत्र और आईडी जारी करता है। लेकिन, यहां अनाधिकृत खाद्य सामग्री बेचने वालों की बाढ़ आई हुई है। …
मुरादाबाद, अमृत विचार। रेलवे स्टेशन के स्टालों पर घरेलू खाद्य सामग्री बेची जा रही है। यहां ब्रांडेड कंपनी के स्टाल पर खुले डिब्बे के सामान बेचे जा रहे हैं। जबकि रेल प्रबंधन वेंडरों के लिए मेडिकल प्रमाण पत्र और आईडी जारी करता है। लेकिन, यहां अनाधिकृत खाद्य सामग्री बेचने वालों की बाढ़ आई हुई है।
गर्मी के मौसम में यात्री ऐसे लोगों से खाद्य सामग्री खरीदने को मजबूर हैं। यहां डिब्बा बंद समानों पर निर्धारित दर से अधिक शुल्क लेने की शिकायतें आ रहीं हैं। लंबी दूरी की साधारण ट्रेनों में ऐसे विक्रेताओं का जमघट हर समय देखा जा सकता है। शनिवार को जनसाधारण एक्सप्रेस के पहुंचने के साथ ही पूरा प्लेटफार्म शोर के हवाले हो गया। ब्रेड पकौड़ा, बिस्किट, चाय, पानी की बोतल और चाय बेचने वालों की बल्ले-बल्ले देखी गयी।
रेल प्रबंधन ने स्टेशन के सभी प्लेटफार्म के लिए 25 दुकानें आवंटित किए हैं। नियमानुसार स्टालों पर विभागीय पहचान पत्र जारी कर्मचारी तैनात होने चाहिए। उधर, स्टेशन पर अमूल के दो काउंटर खोले गए हैं, जहां छाछ, दही और पानी सहित डेयरी उत्पाद की बिक्री की शर्त है। लेकिन, प्लेटफार्म संख्या दो- तीन और चार-पांच के काउंटर पर बिस्किट, नमकीन, कोल्ड ड्रिंक और वेज बिरयानी धड़ल्ले से बेची जा रही है।
हाल के दिनों में अवैध वेडरिंग और अधिक कीमतों की शिकायतों का रेल प्रबंधक संज्ञा लिया था। सूत्रों का कहना है शुक्रवार से एक नंबर प्लेटफार्म पर ऐसे वेंडरों को गुप्त रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया। इस काम में वाणिज्य विभाग के जिम्मेदारों की रणनीति का असर दिख रहा है। सूत्रों का दावा है कि लखनऊ साइड पर पुल के आगे और प्लेटफार्म नंबर दो से सात तक ऐसे वेंडरों की बल्ले-बल्ले है, जो यात्रियों से विभिन्न उत्पादों के मनमाने दाम वसूल रहे हैं।
पानी की बोतल 20 रुपये में बेचे जाने की शिकायत आम है। संभल रोड के फरहान अली से इसकी शिकायत वाणिज्य विभाग से की है। इस बावत एसीएम पुरुषोत्तम बघेल कहते हैं कि स्टेशन के स्टालों पर डिब्बा बंद सामानों की विधि के प्रबंध हैं, जबकि सभी उत्पादों के दर निर्धारित हैं। समय-समय पर पानी विभाग और आरपीएफ की ओर से प्रभावी कदम उठाए जाते हैं।
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