मुरादाबाद : पूर्व ब्लाक प्रमुख ललित कौशिक समेत तीन को आठ-आठ वर्ष की सजा, 25-25 हजार रुपये का अर्थ दंड

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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मुरादाबाद, अमृत विचार : जनपद के एडीजे-पांच की अदालत ने गुरुवार को पूर्व ब्लाक प्रमुख ललित कौशिक समेत तीनों बदमाशों को गैंगस्टर एक्ट में आठ-आठ वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर 25-25 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है। मामले की 25 मार्च को हुई सुनवाई में कोर्ट ने तीनों को गैंगस्टर आरोप के दोष सिद्ध माना था।

एडीजे-पांच के विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट राजीव त्यागी ने बताया कि गैंगस्टर एक्ट के महत्वपूर्ण मामले में न्यायालय ने तीन अभियुक्तों को सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट एडीजे-5 रेशमा चौधरी की अदालत ने अभियुक्त ललित कौशिक ( चिह्नित टॉप-10 अपराधी), केशव सरन शर्मा और खुशवंत उर्फ भीम को गैंगस्टर एक्ट का दोषी मानते हुए प्रत्येक को 8-8 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपियों ने संगठित गिरोह बनाकर अवैध गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक एवं भौतिक लाभ अर्जित किया, जिससे समाज में भय का माहौल व्याप्त हुआ। इनके विरुद्ध थाना सिविल लाइंस में गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमे के वादी निरीक्षक रामप्रसाद शर्मा रहे, जबकि विवेचक निरीक्षक नरेंद्र कुमार गौड़ थे। एक जून 2023 को विभिन्न स्थानों पर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने का आरोप अभियुक्तों पर सिद्ध हुआ।

बलरामपुर जेल भेजा गया ललित

ललित कौशिक को गिरफ्तार करने के बाद मुरादाबाद कारागार में बंद किया गया था। लेकिन, बाद में आरोप लगा कि ललित ने जेल से ही किसी व्यापारी को फोन पर वसूली के लिए धमकी दी थी। साथ ही पॉक्सो एक्ट में पीड़िता की मां ने ललित पर उसके परिवार को धमकाने का आरोप लगाया था।

इसके बाद ललित कौशिक को बलरामपुर कारागार शिफ्ट कर दिया गया था। ललित कौशिक को बुधवार को गैंगस्टर प्रकरण में सुनवाई के लिए मुरादाबाद लाया गया था। सजा सुनाए जाने के कारण बुधवार रात को उसे मुरादाबाद जेल में ही रखा गया था। न्यायालय में गुरुवार को सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। गुरुवार को सजा सुनाए जाने के बाद उसे बलरामपुर जेल भेज दिया गया।

जनपद के टॉप-10 अपराधियों सूची में शामिल ललित कौशिक का आपराधिक इतिहास

1- सन् 2023 में 25 मार्च को मूंढापांडे थाने में ललित कौशिक के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में एडीजे पांच ज्ञानेंद्र सिंह यादव की अदालत ने 23 फरवरी 2024 को ललित कौशिक को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की सजा और 56 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।

2- 2023 में अवैध मैगजीन और आठ लाख की रकम बरामद के अन्य आपराधिक मामलों सात वर्ष की सजा सुनाई थी।

3- सन् 2023 में पीड़िता के दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो एक्ट में सिविल लाइन पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।

4- ललित कौशिक पर बिलारी कोतवाली और मझोला कोतवाली पुलिस की ओर से गैंगस्टर में लगाई गई थी।

केशव और खुशवंत का भी है लंबा-चौड़ा आपराधिक इतिहास

केशव सरन शर्मा पर पूर्व में नौ मुकदमे पंजीकृत हैं। इसके अलावा केशव पर उत्तराखंड के जनपद देहरादून के प्रेम नगर थाने से गैंगस्टर की कार्रवाई के सजा हो चुकी है। खुशवंत उर्फ भीम पर पूर्व में 10 मुकदमे पंजीकृत हैं। जिसमें कुछ में वांछित चल रहा है।

कुशांक गुप्ता की हत्या करने वाला ललित कौशिक का बेहद खास शूटर और उसका रिश्तेदार केशव सरन शर्मा पाकबड़ा के गांव गिंदौड़ा का रहने वाला है। मार्च 2019 में केशव सरन शर्मा ने आहूजा ग्रुप के एमडी मनोज आहूजा की हत्या की एक करोड़ रुपये में सुपारी ली थी। हालांकि, तब पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए केशव और उसके दो दोस्तों को गिरफ्तार किया था।

केशव और उसके साथियों को जेल से छुड़ाने के लिए ललित कौशिक ने पैरवी की। इस प्रकरण में पुलिस रिकॉर्ड में ललित कौशिक का नाम नहीं आया था। इस मामले में जेल से छूटने के बाद केशव सरन शर्मा ने ललित कौशिक के कहने पर कुशांक गुप्ता की हत्या की थी। उसे भोजपुर के हिमायूंपुर निवासी खुशवंत सिंह उर्फ भीम चौधरी अपनी बाइक पर बैठाकर घटनास्थल तक ले गया था।

वारदात के बाद उसे शहर से सुरक्षित बाहर भी निकाला था। पुलिस की विवेचना में घटना मास्टरमाइंड ललित कौशिक ही निकला था। खुशवंत सिंह उर्फ भीम का लंबा आपराधिक इतिहास है। उत्तराखंड के हरिद्वार से वह आटोलिफ्टिंग में भी जेल जा चुका है। इसके अलावा उसके खिलाफ विभिन्न संगीन अपराधों में छह से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।

कुशांक की दुकान पर कब्जा करने का था षड्यंत्र

कुशांक गुप्ता का दुकान को लेकर ललित कौशिक से झगड़ा चल रहा था। घटना से कुछ महीने पहले एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें ललित कौशिक के साथ कुछ लोग कुशांक गुप्ता की दुकान में घुसकर धमकाते नजर आ रहे थे। इनमें से कुछ के पास हथियार भी थे। आरोप था कि वह उसकी दुकान पर कब्जा करने के लिए धमका रहे थे।

इसके बाद कुशांक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगातार कई वीडियो पोस्ट करके ललित कौशिक द्वारा हत्या की धमकी दिए जाने की बात कही थी। कुशांक ने ललित कौशिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था और वह उसकी गिरफ्तारी के लिए कई दिनों तक अपनी ही दुकान के बाहर भूख हड़ताल पर भी बैठा था। इसके बावजूद ललित कौशिक के रसूख के चलते गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी और बाद में उसकी हत्या ही कर दी गई।

घर से बरामद हुई थी मैगजीन

चर्चित सीए श्वेताभ तिवारी हत्याकांड में लंबी पड़ताल के बाद पुलिस ने ललित कौशिक को गिरफ्तार किया था। पूर्व ब्लाक प्रमुख के घर की तलाशी में अवैध मैगजीन और आठ लाख रुपये बरामद हुए थे। साथ ही रामगंगा किनारे के जंगलों से अवैध असलहा भी बरामद किया गया था। 26 मार्च 2023 को इंस्पेक्टर रविंद्र प्रताप सिंह द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

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