लाइसेंसी रिवाल्वर से चिकित्सक ने खुद को मारी गोली : मौत, परिवार के लोगों से पुलिस कर रही पूछताछ
सीतापुर, अमृत विचार: खैराबाद के वरिष्ठ चिकित्सक ने अपने घर पर ही लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली, जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई। कोतवाली नगर के मोहल्ला बट्सगंज में हुई घटना के बाद पुलिस और फारेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची। साक्ष्य संकलन के साथ परिवार के लोगों से पूछताछ हुई। घटना का कारण पारिवारिक कलह बताया जा रहा है। कोतवाली नगर के मोहल्ला बट्सगंज निवासी डॉ. राजेंद्र चौधरी की खैराबाद स्थित पुरानी बाजार में क्लीनिक है।
बताते हैं कि रोज की तरह उन्हें घर से खैराबाद जाना था, लेकिन वे कमरे से बाहर नहीं निकले, अचानक फायर की आवाज से मोहल्ले में हड़कंप मच गई। सूचना पाकर अपर पुलिस अधीक्षक विनायक गोपाल भोसले घटनास्थल पर पहुंचे। घर में मौजूद पत्नी और नौकर से पूछताछ की, इस बीच लखनऊ में एलएलबी कर रहा पुत्र भी आ गया। साक्ष्य संकलन के साथ लाइसेंसी रिवाल्वर को कब्जे में लिया गया। एएसपी का कहना है कि स्वभाव में चिकित्सक काफी मिलनसार थे। जांच के दौरान किसी प्रकार की कोई रंजिश की बात सामने नहीं आई है, पिछले कुछ दिनों से वे डिप्रेशन में थे, ऐसा परिवार के लोगों द्वारा बताया गया है। घटना का कारण पारिवारिक कलह हो सकती है, इस बिन्दु पर जांच की जा रही है।
क्लीनिक बंद, हर कोई अवाक
चिकित्सक की आत्महत्या की खबर पल भर में जंगल की आग की तरह फैल गई। हर कोई क्लीनिक पहुंचा, लेकिन वो बंद मिली। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अल्लामा फजल-ए-हक खैराबादी के प्रपौत्र पुत्र सैफुल हक कहते हैं कि परिवार के दो लोगों को तेज बुखार था, ऐसे में वे एक दिन पहले ही दवा लेने गए थे, बहुत खुश थे। बच्चों से बड़ा लगाव रखते थे। बड़े मखदूम साहब दरगाह के सज्जादा नशीन शोएब मियां, कारी इस्लाम, अंकित गुप्ता, बिंदु मौर्य, पंकज त्रिपाठी, दुष्यंत शुक्ला, अहसन खां सहित अन्य लोगों ने शोक व्यक्त किया।
समासेवी की भूमिका में थे डॉक्टर चौधरी
डॉ. समीउद्दीन खां, अमन रजा, अकील आदि बताते हैं कि निर्धन परिवार का मुफ्त में इलाज डॉक्टर चौधरी की दैनिक दिनचर्या में था। कोरोना काल के दौरान इनके द्वारा बड़ी संख्या में निशुल्क दवाओं का वितरण किया गया, मरीजों की देखरेख भी की।
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