महाविद्यालयों में गुणवत्ता, शोध और नामांकन बढ़ाएं: राज्यपाल ने लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के प्राचार्यों संग की समीक्षा

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Published By Muskan Dixit
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नैक मूल्यांकन, शोध और सीएसआर फंड के बेहतर उपयोग के निर्देश

लखनऊ, अमृत विचार: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने महाविद्यालयों को नैक मूल्यांकन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हुए शोध, प्रकाशन और नामांकन बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को पुस्तक लेखन के लिए प्रोत्साहित किया जाए और संस्थानों में शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाया जाए।

वे गुरुवार को जन भवन स्थित गांधी सभागार में लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध शासकीय एवं वित्त पोषित महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रही थीं। बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और राज्यमंत्री रजनी तिवारी भी मौजूद रहीं। बैठक में 17 शासकीय और 33 वित्त पोषित महाविद्यालयों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसमें फैकल्टी, शोध, एमओयू, खेल गतिविधियां, नामांकन, प्लेसमेंट, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं और छात्रवृत्ति जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।

राज्यपाल ने महाविद्यालयों को गांवों में सामाजिक सहभागिता बढ़ाने, नशा और तंबाकू के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने तथा छात्रों को कौशल विकास और नवाचार से जोड़ने को कहा। उन्होंने कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी फंड का प्रभावी उपयोग करने और उद्योगों व बैंकों से समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही आंगनबाड़ी, टीबी उन्मूलन और एचपीवी टीकाकरण जैसे कार्यक्रमों में कॉलेजों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा।

रिक्त पद भरने और सुविधाएं मजबूत करने के निर्देश

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शिक्षकों के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति, लैब और कंप्यूटर कक्षों को सुदृढ़ करने तथा छात्र संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। कम नामांकन पर नाराजगी जताते हुए कारणों के समाधान के निर्देश दिए।

 

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