अयोध्या: शहर तक सिमटी निगरानी, हाईवे से नहीं हटी अवैध पार्किंग

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अयोध्या। हाईवे के किनारे हादसे का सबब बनने वाले खड़े भारी वाहनों को हटाने के मुख्यमंत्री के आदेश को पांच दिन गुजर गए, लेकिन अभी तक हाईवे पर अभियान नहीं चला। यह दीगर बात है कि अवैध टैक्सी स्टैंडों को हटाने के आदेश पर 19 मई को एक दिन की कवायद कर जिला प्रशासन हाथ …

अयोध्या। हाईवे के किनारे हादसे का सबब बनने वाले खड़े भारी वाहनों को हटाने के मुख्यमंत्री के आदेश को पांच दिन गुजर गए, लेकिन अभी तक हाईवे पर अभियान नहीं चला। यह दीगर बात है कि अवैध टैक्सी स्टैंडों को हटाने के आदेश पर 19 मई को एक दिन की कवायद कर जिला प्रशासन हाथ समेट कर बैठ गया। नतीजा गोरखपुर-लखनऊ हाईवे पर जिले की रेंज में अभी भी हाईवे पर बदस्तूर ट्रक, कंटेनर, निजी और प्राइवेट बसें खड़ी हो रहीं हैं। यह हाल तब है जब 18 मई को सीएम ने साफ-साफ 48 घंटे का समय निर्धारित किया था, जबकि 96 घंटे गुजर चुके हैं।

अयोध्या में हुई एक दुर्घटना जीती जागती मिसाल के रूप में सामने आई

रविवार को अयोध्या में हुई एक दुर्घटना जीती जागती मिसाल के रूप में सामने आई। सड़क के किनारे खड़े कंटेनर में डीसीएम घुस गई। लखनऊ से बाराबंकी जिला लांघने के बाद अयोध्या सीमा शुरू होती है। रुदौली के पहले से ही आपको सड़कों के किनारे ट्रक खड़े मिल जाएंगे। ढाबों की श्रृंखला वहां से शुरू होकर सआदतगंज तक है। सरकारी बसें भी अक्सर सड़क के किनारे खड़ी मिल जायेगी।

सआदतगंज से आगे बढ़े तो अयोध्या बाईपास तक भी हाईवे के किनारे यही नजारा रहता है। यह हाल तो केवल गोरखपुर- लखनऊ हाईवे का है, जबकि अयोध्या-प्रयागराज, अयोध्या-अंबेडकरनगर, अयोध्या-गोंडा मार्गों पर भी सड़कों के किनारे बड़े वाहन हादसे को दावत देते खड़े मिलेंगे। सभी मार्गों पर ट्रकों के पीछे कार या अन्य वाहनों के घुसने के हादसे हर-दूसरे तीसरे दिन सुनाई पड़ते हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि शहरी क्षेत्र में तो बुलडोजर गरज रहा है, हाईवे पर ऐसी मेहरबानी क्यों है।

हटने थे ढाबे भी लेकिन नहीं नहीं हुई कार्रवाई

हाईवे के किनारे बड़े वाहनों को हटाने के साथ-साथ ऐसे ढाबों को भी हटाने के आदेश थे जो अवैध रूप से सरकारी भूमि पर संचालित हैं या सड़क से सटे हैं। इसे लेकर भी यहां फिलहाल सन्नाटा है। मुख्यमंत्री ने कहा था कि वीसी से जुड़े एसडीएम व सीओ साहबान भी सुन लें, अपने-अपने क्षेत्र से गुजरने वाले हाईवे से तत्काल बड़े वाहनों को हटाना सुनिश्चित करें। यदि मंत्रियों के दौरे में कहीं भी यह स्थिति पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी।

सर्विस सेंटर सरीखी बन गई है फोरलेन की सर्विस लेन

फोरलेन के साथ ही सर्विस रोड ट्रकों का सर्विस सेंटर बन चुका है। अयोध्या-गोरखपुर फोरलेन पर हवाई पट्टी से आगे बढ़ने पर सर्विस रोड पर सिर्फ ट्रकों का ठिकाना रहता है। ऐसे में कोई भी चार पहिया वाहन तक सर्विस रोड से नहीं आ-जा सकता। हवाई पट्टी से आगे बढ़ने पर दोनों ही ओर इंजीनियरिंग कॉलेज तक की सर्विस रोड पर ट्रकों का रेला रहता है। चार पहिया तो दूर दोपहिया वाहन भी आसानी से नहीं निकल सकते।

कोट –

फोरलेन की सर्विस रोड को खाली कराने के लिए शीघ्र कदम उठाया जाएगा। शीघ्र ही हाईवे पर ट्रकों को खड़ा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

-संजय सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी, प्रशासन

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