अयोध्या: भूमि पूजन तक ही सिमटी अमृत सरोवर योजना, एक का भी नहीं बना स्टीमेट

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या। आजादी के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में गांवों में अमृत सरोवर बनवाने की कवायद अभी धरातल पर नहीं उतर पा रही है। अभी तक किसी एक भी सरोवर का प्राक्कलन यानि स्टीमेट तैयार नहीं हुआ है, जबकि अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि तक सरोवरों में काम शुरू करने का नारियल फोड़ रहे हैं। सरकारी योजना …

अयोध्या। आजादी के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में गांवों में अमृत सरोवर बनवाने की कवायद अभी धरातल पर नहीं उतर पा रही है। अभी तक किसी एक भी सरोवर का प्राक्कलन यानि स्टीमेट तैयार नहीं हुआ है, जबकि अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि तक सरोवरों में काम शुरू करने का नारियल फोड़ रहे हैं। सरकारी योजना के साथ हो रहे इस खेल में अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि तक शामिल हैं, जबकि शासन ने अविलंब प्राक्कलन तैयार कर निर्माण कराने का आदेश दिया था। हाल यह है कि 11 विकास खंडों में बनने वाले 127 अमृत सरोवरों में से एक का भी प्राक्कलन अभी तक तैयार नहीं हो पाया है।

इन सरोवरों का एस्टीमेट (प्राक्कलन) ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, लघु सिंचाई, सिंचाई शारदा सहायक नगर खंड दक्षिणी को तैयार कराने हैं। इसको लेकर कई चक्र की वार्ता सीडीओ से लेकर डीसी मनरेगा तक सम्बंधित विभागों की हो चुकी है। इसके निर्माण में मनरेगा की अहम भूमिका है। राजस्व विभाग ने सभी तालाबों की जमीन चिह्नित कर खंड विकास अधिकारियों को उपलब्ध करा दी है। इसके बाद ब्लाकों में तैनात सम्बंधित विभाग के जेई से मिलकर मनरेगा एपीओ को इसका प्राक्कलन तैयार करना था।

बीडीओ को प्राक्कलन तैयार कराकर मुख्यालय को भेजना था। हाल यह है कि कई बार की बैठक व पत्राचार करने के बाद भी अभी तक किसी भी विकास खंड से एक भी प्राक्कलन नहीं आया है, जबकि इसको लेकर सम्बंधित विभाग के अधिशाषी अभियंताओं को पत्र भी भेजा गया है। बताया जाता है कि आठ ब्लाकों ने जो प्राक्कलन भेजा था उनमें त्रुटि होने के कारण उन्हें वापस कर दिया गया है।

स्टीमेट का पता नहीं फोड़ रहे हैं नारियल

प्राक्कलन तैयार न होने के बाद भी जनप्रतिनिधि व अफसर प्रस्तावित जलाशयों के निर्माण कार्य के लिए नारियल फोड़ रहे हैं। नारियल फोड़ने वाले जन प्रतिनिधि यह भी नहीं पूछते हैं कि जिसका वह नारियल फोड़ रहे हैं वहां पर काम कब से शुरू होगा। जब तक प्राक्कलन नहीं तैयार होगा तब तक निर्माण धनराशि भी नहीं तय की जा सकती है। ऐसे में अमृत सरोवर निर्माण योजना को झटका लगना तय माना जा रहा है।

सीडीओ ने तय की अंतिम डेटलाइन

सीडीओ अनीता यादव की ओर से सभी बीडीओ के साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को शीघ्र प्राक्कलन भेजने के लिए फिर पत्र जारी किया गया है। सीडीओ ने इसके तीस मई अंतिम डेडलाइन तय की है।

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