कानपुर: यूपीएससी के होनहार सेल्फ स्टडी को मानते सफलता का आधार
कानपुर। यूपीएससी के होनहार सेल्फ स्टडी को सफलता का आधार मानते हैं। उन्होंने नियमित पढ़ाई, संयम और आत्मविश्वास से कामयाबी हासिल की है। उनके मन में भी कई बार निराशा आई, लेकिन अपना ध्यान केवल लक्ष्य की ओर रखा। इंटरनेट मीडिया से दूरी बनाए रखी। केवल सूचना और महत्वपूर्ण जानकारी के लिए नेट सफिंग की। …
कानपुर। यूपीएससी के होनहार सेल्फ स्टडी को सफलता का आधार मानते हैं। उन्होंने नियमित पढ़ाई, संयम और आत्मविश्वास से कामयाबी हासिल की है। उनके मन में भी कई बार निराशा आई, लेकिन अपना ध्यान केवल लक्ष्य की ओर रखा। इंटरनेट मीडिया से दूरी बनाए रखी। केवल सूचना और महत्वपूर्ण जानकारी के लिए नेट सफिंग की।
लॉकडाउन में मिला पढ़ाई का मौका
घाटमपुर के पतारा क्षेत्र के प्रांजल श्रीवास्तव की ऑल इंडिया 299 रैंक आई है। उन्होंने 2020 से यूपीएससी की तैयारी शुरू की। उनके मुताबिक उन्हें लॉकडाउन में तैयारी का मौका मिला। पिता अरविंद कुमार श्रीवास्तव एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में चीफ अकाउंटेंट हैं, जबकि मां शशि श्रीवास्तव उन्नाव में प्रशासनिक अधिकारी हैं।

दसवीं में 89 और 12 वीं में 94 फीसद अंक आए। किशोर विज्ञान प्रोत्साहन योजना की परीक्षा में 249 रैंक आने से आईआईएससी बेंगलुरु में दाखिला मिला। यहां मैटेरियल्स इंजीनियरिंग एंड फिजिक्स से बीटेक किया। इसके बाद यूके गर्वनमेंट की ओर से स्कॉलरशिप हासिल हुई, जिसमें इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन से एमटेक किया। बड़ी बहन नेट की तैयारी कर रही हैं। यूपीएससी के इंटरव्यू में 204 अंक हासिल किए।
दुखों से बढ़ी हिम्मत, कुछ कर गुजरने की चाहत
रायबरेली की रहने वालीं अंजलि वर्मा की हिम्मत और कुछ कर गुजरने की चाहत दुखों ने बढ़ाई है। उनकी ऑल इंडिया 577 रैंक आई है। पिता अनिल प्रताप सिंह पुलिस कांस्टेबल थे, लेकिन वह दो वर्ष पहले सड़क हादसे में स्वर्ग सिधार गए। मां गीता वर्मा हाउस वाइफ हैं, जबकि छोटा भाई आदित्य प्रताप सिंह लॉ यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहा है। घर में आर्थिक संकट भी गहरा गया। अंजलि के मुताबिक मां ने उनकी हिम्मत बढ़ाई। सेल्फ स्टडी के साथ इंटरव्यू की तैयारी की। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई की। पहली बार में यूपीएससी में कामयाबी मिली।
संयुक्त परिवार की सीख से हुए सफल
मिर्जापुर के विवेक कुमार मौर्या की यूपीएससी में 417 रैंक आई है। पिता विपित बिहारी की जनरल स्टोर की दुकान है। मां ब्रह्मा देवी शिक्षा मित्र हैं। मिर्जापुर से स्कूली शिक्षा पूरी की, जबकि आईआईटी बीएचयू से बीएससी ऑनर्स किया। प्रयागराज में रहकर तैयारी की। सेल्फ स्टडी से कामयाब हुए। दादा, पिता, चाचा और संयुक्त परिवार की सीख से सफलता हासिल हुई।
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