मुरादाबाद: सिस्टम के खोदे गड्ढे में डूबने से युवक की मौत, तीन घंटे बाद नाले से मिला शव
मुरादाबाद, अमृत विचार। सिस्टम का खोदा गड्ढा सिलसिलेवार जान ले रहा है। महानगर में फिर नगर निगम के खुले नाले एक परिवार की खुशियां लूट लीं। नाले में डूबने से 26 वर्षीय युवक की मौत हो गई। उसकी मौत से दो मासूम अनाथ हो गए। तीन घंटे तक कड़ी मशक्कत बाद युवक का शव गहरे …
मुरादाबाद, अमृत विचार। सिस्टम का खोदा गड्ढा सिलसिलेवार जान ले रहा है। महानगर में फिर नगर निगम के खुले नाले एक परिवार की खुशियां लूट लीं। नाले में डूबने से 26 वर्षीय युवक की मौत हो गई। उसकी मौत से दो मासूम अनाथ हो गए। तीन घंटे तक कड़ी मशक्कत बाद युवक का शव गहरे नाले से बरामद हो सका। शुक्रवार को पोस्टमार्टम बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
- फोन पर बात करने के दौरान लड़खड़ा कर नाले में गिरा युवक
- तलाश में नगर निगम व कटघर पुलिस ने ढाई घंटे तक चलाया अभियान
कटघर में सीतापुरी डबल फाटक के पास रहने वाला विशाल सैनी पल्लेदारी करता था। दो बच्चों का पिता विशाल गुरुवार रात नौ बजे घर पर था। पत्नी खाना बना रही थी, तभी विशाल फोन पर बात करते बाहर निकला। चंद कदम दूर जयंतीपुर स्थित नगर निगम के नाले के पास कुछ देर टहलने के बाद विशाल नाले के किनारे बैठ फोन पर बातें करने लगा। पुलिस के मुताबिक फोन पर विशाल को बातचीत करते लोगों ने भी देखा। कुछ देर बाद विशाल नाले में गिर पड़ा। लोगों ने विशाल के परिजनों को जानकारी दी। कुछ देर में भीड़ जमा हो गई।
सूचना दससराय चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों को दी गई। पुलिसकर्मियों ने उच्चाधिकारियों को जानकारी देकर नगर निगम से मदद मांगी। रात 10 बजे 12 फीट गहरे नाले में जेसीबी से विशाल को तलाशने का काम शुरू हुआ। ढाई घंटे तक पुलिस व निगमकर्मियों की तलाशी के बाद विशाल मिला। पुलिसकर्मी व परिजन विशाल को साथ लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने युवक को देखते ही मृत घोषित कर दिया। फिर कटघर पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया।
मौत के मुहाने बने नगर निगम के नाले
नगर निगम की नजर में मानव जीवन की मोल नहीं है। यही वजह है कि मुरादाबाद के नाले मौत के मुहाने बन चुके हैं। नाले में डूबने से मौत की घटनाएं सिलसिले की राह पर हैं। फिर भी नगर निगम प्रशासन मौन है। कटघर में गुरुवार रात नाले में डूबने से विशाल की मौत ने महानगर को फिर झकझोर दिया है। यह पहली घटना नहीं है, जब कोई युवक अकाल मौत के मुंह में समा गया। पहले भी निगम के नाले में डूबने से कई लोग जान गंवा चुके हैं।
केस -एक
22 अप्रैल को गलशहीद में प्रिंस रोड पर एक युवक का शव नाले में मिला। सफाईकर्मियों ने नाले में शव होने की सूचना पुलिस को दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि पानी में डूबने से युवक की मौत हुई है। फौरी तौर पर पुलिस मृतक की पहचान भले नहीं कर पाई, लेकिन यह बात शीशे की तरह साफ हो गई कि नगर निगम का खुला नाला मौत का मुहाना है। राह चलने में पांव जरा भी डगमगाए तो जीवन से हाथ धोना होगा।
केस – दो
बिलारी के सहसपुर गांव का नौ वर्षीय उवैश उर्फ आसिफ कटघर के करूला में परिजनों के साथ रहता था। करूला नाले के किनारे झोपड़ी डालकर उवैश व उसके परिजन जीवनयापन करते थे। एक वर्ष पहले पतंग उड़ाते वक्त उवैश नाले में गिर पड़ा। कड़ी मशक्कत बाद उसको जब बाहर निकाला गया, तब तब उसकी मौत हो चुकी थी। दिल दहलाने वाली यह दुर्घटनाएं सिर्फ नजीर हैं। बहुतेरे ऐसे मामले में पूर्व में प्रकाश में आ चुके हैं, जिसमें निगम का नाला मौत का सबब बना है।
ये भी पढ़ें:- संभल: ट्रांसफार्मर में लगी आग की चपेट में आया अस्पताल, मची अफरा-तफरी
