लखीमपुर-खीरी: मरीजों के लिए आईं करोड़ों की दवाएं हुईं एक्सपायरी, खाली प्लाट में फेंकी

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अमृतविचार,लखीमपुर-खीरी। स्वास्थ्य महकमें में उस समय हड़कंप मच गया जब स्थानीय भाजपा कार्यालय के पीछे करीब एक ट्रक से ज्यादा सरकारी दवाएं लावारिस हालत में पड़ी बरामद हुई। दवाओं की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आते ही एसीएमओ अपने लाव लश्कर के साथ मौके पर पहुंच और मुआयना …

अमृतविचार,लखीमपुर-खीरी। स्वास्थ्य महकमें में उस समय हड़कंप मच गया जब स्थानीय भाजपा कार्यालय के पीछे करीब एक ट्रक से ज्यादा सरकारी दवाएं लावारिस हालत में पड़ी बरामद हुई। दवाओं की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आते ही एसीएमओ अपने लाव लश्कर के साथ मौके पर पहुंच और मुआयना करते हुए अधीनस्थों को आदेश जारी करते हुए कहा कि वह दवाओं की इन्वेंटरी बनाकर अपनी रिपोर्ट पेश करें।

साथ ही दवाओं के बैच नंबर, एक्सपायरी का भी मिलान करने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं जो हर पहलू पर बारीकी के साथ जांच कर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी, जिसके बाद दोषियों के खिलाफ एफआईआर तक की जा सकती है।

जिला अस्पताल की शिफ्टिंग के बाद एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया जहां पर गरीबों को मुफ्त में बंटने के लिए आयी करोड़ों रूपयों की दवाओं को उन्हें न देकर एक्सपायरी होने पर एक खाली प्लाट में फेंक दी गयी। बड़ी मात्रा में सरकारी दवा के रखे, खराब होने और इस तरह से फेके जानें को लेकर जिला अस्पताल प्रशासन पर सवालिया निशान लग रहे है।

बता दें कि शनिवार की सुबह शहर की देवकली रोड पर बने बीजेपी कार्यालय के पीछे उदयपुर महेवा के कब्रिस्तान के समीप एक खाली पड़े प्लाट में करीब एक ट्रक दवा पड़ी होने की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कम्प मच गया। सीएमओ डा शैलेन्द्र भटनागर को इस बात की जानकारी मिलते ही महकमें के अधिकारी घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।

एसीएमओ डा. अश्वनी कुमार के साथ वीसी पंत और फार्मासिस्ट के साथ साथ अन्य कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो पता चला की दवाएं एक्सपायरी है, जिसके बाद दवा स्टोर के प्रभारी एसके गुप्ता को भी मौके पर बुलाकर कई सवालात किये गये जिसका गुप्ता सही से जवाब तक नहीं दे पाये।

बड़ी मात्रा में करोडों की दवाओं को एक्सपायरी करके प्लाट में डालने की जांच के लिए एक टीम गठित करते हुए दवाओं को दोबारा एक ट्रक में लदवाकर जिला अस्पताल लाया जा रहा है जहां पर दवाओं की इन्वेंटरी बनाकर दवाओं के बैच नम्बर के साथ उसकी एक्सपायरी का मिलान किया जाएगा। अब सवाल यह उठता है कि यदि इन्हीं दवाओं को मरीजों में वितरित कर दिया जाता तो शायद करोडों की दवा खराब न होती। इधर सूचना मिलने के बाद एसडीएम श्रद्धा सिंह ने भी मौका मुआयना करते हुए अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगी।

प्लाट की रखवाली करने वाले ने खोली स्वास्थ्य विभाग की पोल
खाली प्लाट में दवाओं की एक बड़ी खेप पड़ी होने और इसमें किसका हाथ है, इसको लेकर बड़ा खुलासा किया है। प्लाट की रखवाली कर रहे बच्चू नाम के युवक ने बताया कि तीन दिन पहले डब्बू नाम के एक युवक ने इन दवाओं को यह कहते हुए नष्ट करने को कहा था कि जनहित में इसका प्रयोग घातक हो सकता है। क्योंकि यह दवाएं एक्सपायरी हो चुकी है। दवाओं को जमीन के अंदर दफन करने के बदले पैसे देने की भी बात कही गयी थी। दवाएं जमीदोज हो पाती इससे पहले ही स्वास्थ्य महकमें की पोल खुल गई।

दवाओं को किया गया सील, बनायी जा रही इन्वेंटरी
उदयपुर महेवा के कब्रिस्तान में मिली करोड़ों की दवाओं के बाद स्वास्थ्य महकमें में हड़कम्प मच गया। आनन फानन अधिकारियों ने मौका मुआयना करते हुए एक दूसरे पर दोषारोपण करने की फिराक में दिखायी दिये। मामला तूल पकडते देख एसीएमओ डा. अश्वनी कुमार औरी वीसी पंत ने दवाओं को सील कराते हुए इन्वेंटरी बनाने के निर्देश जारी किये है। इसके बाद कर्मचारियों ने दवाओं के नाम और उनकी गिनती शुरू कर दी है।

खाली प्लाट में पड़ी मिली ये 15 तरीके की दवाएं
1. पोटैशियम परमेग्नेट -500 एमजीआईवी फ्लूड
2. पेंटासिल मैग्नेशियम सल्फेट (एक किलोग्राम पाउडर)
3. क्लोट्रीमाजोल आईड्राप
4. हाड्रोजन पराक्साइड सॉल्यूशन (एक लीटर)
5. फोलिक एसिड एंड फेरस सल्फेट ( टैबलेट)
6. बेंजाइन टिंचर
7. फेनाल
8. ओआरएस
9. क्लोरोक्वीन फास्फेट ( टेबलेट)
10. मानीटॉल-100 एमएल
11. डोपामाइन हाइड्रोक्लोराइड
12. ग्लूकोज किट
13. एट्रोपाईन सल्फेट ( इंजेक्शन)
14. बेंजाथीन पेंसिलीन (इंजेक्शन)
15. लॉयसॉल

शहर के भाजपा कार्यालय के समीप उदयपुर महेवा के कब्रिस्तान के समीप पड़े एक खाली प्लाट से दवा बरामद हुई है। दवा जिला अस्पताल की हैं या कही और की। इसको लेकर जांच कमेटी बनायी जाएगी जो दवाओं के बैच नम्बर का मिलान करेगी और दवाएं किस कारणों से एक्सपायरी की गयी इसकी भी पड़ताल करेगी। इस जांच कमेटी में एक प्रशासलिक अधिकारी के साथ साथ अन्य दो से तीन अधिकारियों को शामिल किया जाएगा जिससे पारदर्शिता के साथ जांच हो सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी—डा.मदनलाल,सीएमएस, जिला अस्पताल

इसे भी पढ़ें- लखीमपुर-खीरी: पीडब्ल्यूडी के बेलदार के खिलाफ अमानत में खयानत की रिपोर्ट दर्ज

 

संबंधित समाचार