बरेली: कागजों में दस्त नियंत्रण अभियान, बच्चे हो रहे डायरिया का शिकार

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बरेली, अमृत विचार। भीषण गर्मी की वजह से सरकारी अस्पतालों में ओपीडी में आने वाले मरीज भी बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार जिले की समस्त सीएचसी-पीएचसी पर रोजाना 32 से 35 हजार मरीजों की ओपीडी प्रतिमाह हो रही है जिनमें अधिकांश मरीज डायरिया और बुखार से ग्रसित मिल रहे हैं। बड़ों की …

बरेली, अमृत विचार। भीषण गर्मी की वजह से सरकारी अस्पतालों में ओपीडी में आने वाले मरीज भी बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार जिले की समस्त सीएचसी-पीएचसी पर रोजाना 32 से 35 हजार मरीजों की ओपीडी प्रतिमाह हो रही है जिनमें अधिकांश मरीज डायरिया और बुखार से ग्रसित मिल रहे हैं। बड़ों की तुलना में बच्चे इसकी चपेट में अधिक आ रहे हैं। इन बच्चों का डायरिया से बचाव हो सके इसके लिए दो दिन पहले दस्त नियंत्रण अभियान की शुरुआत की गई है।

इसके तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर बच्चों को ओआरएस घोल बनाने और डायरिया से बचाव के प्रति जागरूक करेंगी लेकिन हैरत की बात तो यह है कि बीते 10 दिनों से आशा कार्यकर्ताओं ने मानदेय न मिलने के चलते कार्य बहिष्कार किया है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि यह अभियान कहां चल रहा है।

बच्चा वार्ड में 19 बच्चे डायरिया से ग्रसित
डायरिया का प्रकोप इस कदर हावी है कि जिला अस्पताल स्थित बच्चा वार्ड फुल होने की कगार पर है। इस वार्ड में बच्चों को भर्ती करने के लिए 23 बेड आरक्षित है शनिवार को वार्ड में 21 बच्चे भर्ती हैं जिनमें 18 बच्चे डायरिया से ग्रसित हैं।

स्वच्छता से ही होगा डायरिया से बचाव
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल अग्रवाल के अनुसार स्वच्छता से ही डायरिया का बचाव हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि घर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखें, बासी भोजन का सेवन बिल्कुल न करें। वहीं बच्चे के खिलौने को भी बार-बार धोएं।

दूध की बोतल को ठीक प्रकार से खौलाएं
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि खन्ना के अनुसार वर्तमान में बच्चे डायरिया की गिरफ्त में आ रहे हैं। परिजनों को विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। बच्चों को मां के दूध का सेवन अधिक कराएं, दूध की बोतल को दो बार खोलाकर ही बच्चों को दें, बच्चा अगर मोबाइल देखता है तो इसको भी दोनों तरफ से दो से तीन पर सैनेटाइज करें। घर की साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।

आशा जिलाध्यक्ष से बात
मानदेय के साथ ही अन्य मांगों को लेकर समस्त कार्यकर्ता धरने पर हैं। पूर्व में डीएम को पत्र सौंपकर आगामी 6 जून तक विभाग के किसी अभियान में सहयोग न करने को कहा है। विभाग की ओर से अभियान चलाने की झूठी रिपोर्ट बनाई जा रही है।- शिववती साहू

दस्त नियंत्रण अभियान में कुछ आशा कार्यकर्ताएं सहयोग कर रही हैं। धरना समाप्त होने के बाद बैठक कर आशा कार्यकर्ताओं से वार्ता की जाएगी।- डॉ. हरपाल सिंह, एसीएमओ प्रशासन

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