लखनऊ: झलकारी बाई अस्पताल में बोले उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक- बच्चों की मृत्युदर को करना है कम

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लखनऊ। नवजात के पैदा होते ही उसके जीवन के लिए पहला मिनट,पहला सप्ताह,पहला महीना व पहला वर्ष बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान कई बच्चों की मृत्यु हो जाती है। इसी मृत्युदर को हमें कम करना है। यह कहना है उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का। उन्होंने यह बात झलकारी बाई अस्पताल में …

लखनऊ। नवजात के पैदा होते ही उसके जीवन के लिए पहला मिनट,पहला सप्ताह,पहला महीना व पहला वर्ष बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान कई बच्चों की मृत्यु हो जाती है। इसी मृत्युदर को हमें कम करना है। यह कहना है उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का। उन्होंने यह बात झलकारी बाई अस्पताल में नवीनीकृत पैथालॉजी के लोकार्पण कार्यक्रम में कही। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के तौर पर लोकार्पण कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की मृत्युदर कम करने के लिए सबसे जरूरी है कि महिलाओं का सुरक्षित प्रसव संस्थागत यानी की अस्पताल में हो। इसके अलावा नवजात बच्चों को कम से कम 48 घंटे अस्पताल में रखा जाये, जब उनका टीकाकरण हो जाये, तभी उन्हें घर भेजा जाये। यह प्रयास हम सभी लोगों को मिलकर करना है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने यह भी कहा कि आगे से अस्पताल में कोई बड़ा आयोजन न करें,यदि करें तो कम संख्या में लोग आयें साथ ही माइक का प्रयोग न किया जाये,क्योंकि अस्पताल में छोटे बच्चे तथा महिलायें भर्ती होती है,तेज अवाज व अधिक भीड़ से स्वास्थ्य संबंधी समस्या पैदा हो सकती है।

इस अवसर पर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के संख्या को देखें तो वह बहुत अधिक हैं और संसाधन बहुत कम,लेकिन फिर भी सरकारी अस्पताल बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। वहीं निजी अस्पतालों संसाधनों की भरमार है,फिर भी मरीज वहां कम ही संख्या में जाते हैं। सरकारी अस्पतालों के मुकाबले वहां कम तादात में मरीज पहुंचते हैँ। राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह बतौर विशिष्ट अतिथि कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे।

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