अमेरिकी सदन में बंदूक खरीदने की आयु सीमा बढ़ाने पर विधेयक पारित

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Edited By Amrit Vichar
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वाशिंगटन। अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन हाउस ऑफ रेप्रेसेंटेटिव ने अमेरिका में हाल के दिनों में हुई सामूहिक गोलीबारी की कई घटनाओं को देखते हुए बंदूक खरीदने की आयु सीमा को बढ़ाने, हमले में इस्तेमाल किए गए आग्नेयात्रों को विनियमित करने, बंदूकों को सटीक जगह पर सुरक्षित रखने सहित कई अन्य उपायों को बढ़ावा देने …

वाशिंगटन। अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन हाउस ऑफ रेप्रेसेंटेटिव ने अमेरिका में हाल के दिनों में हुई सामूहिक गोलीबारी की कई घटनाओं को देखते हुए बंदूक खरीदने की आयु सीमा को बढ़ाने, हमले में इस्तेमाल किए गए आग्नेयात्रों को विनियमित करने, बंदूकों को सटीक जगह पर सुरक्षित रखने सहित कई अन्य उपायों को बढ़ावा देने के लिए विधेयक पारित किया है। प्रतिनिधि सभा के सदस्यों ने ‘प्रोटेक्टिंग आवर किड्स एक्ट’ के नाम से बने एक कानून के पक्ष में मतदान कर इसे पारित किया।

विधेयक के मुताबिक, इस कानून का उद्देश्य बंदूक की खरीददारी के लिए आयु सीमा को बढ़ाना, बंदूक की तस्करी को रोकना, असॉल्ट वेपन पर प्रतिबंध लगाना और हथियारों को सुरक्षित तरीके से रखने के उपायों को प्रोत्साहित करना है। इस विधेयक के तहत हाई कैलिबर वाली मैगजीन पर प्रतिबंध को बहाल करने और इनकी खरीद पर आयु सीमा को बढ़ाने की भी बात कही गई है।

‘अमेरिका अपने नागरिकों की सुरक्षा की खातिर अधिक सावधानी बरतने को तैयार’ 
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बुधवार को अमेरिकी सीनेट में अपने एक संदेश में कहा कि सरकार अपने नागरिकों और उनके हितों की सुरक्षा की खातिर अतिरिक्त उपाय अपनाने और अधिक बलों की तैनाती करने के लिए तैयार है। राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा, ”अगर जरूरत पड़ी तो अपने यहां के लोगों की खातिर मैं आतंकवादियों द्वारा किए जा रहे हमलों के खतरे से निपटने के लिए अतिरिक्त उपाय अपनाने का निर्देश दूंगा। फिलहाल यह जानना संभव नहीं है कि अमेरिकी सशस्त्र बलों की तैनाती का सटीक दायरा या अवधि अमेरिका के लिए आतंकवादी खतरों का मुकाबला करने के लिए कितना कारगर साबित होगी।”

‘90,000 अमेरिकी सशस्त्र बलों के जवानों की तैनाती यूरोप के नाटो देशों में की’
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि बाइडेन प्रशासन ने यूरोप में भी अमेरिकी सेना की संख्या में वृद्धि की थी ताकि रूसी आक्रमण के किसी भी खतरे से निपटा जा सके। राष्ट्रपति ने कहा, ”रूसी आक्रमण से अपने मित्र देशों की सुरक्षा के लिए अमेरिका ने हाल के महीनों में लगभग 17,000 अतिरिक्त अमेरिकी सशस्त्र बलों की तैनाती के साथ, लगभग 90,000 अमेरिकी सशस्त्र बलों के जवानों की तैनाती यूरोप के नाटो देशों में की।” बाइडेन ने कहा, उन्होंने अपने संवैधानिक और वैधानिक अधिकार के अनुरूप सभी मौजूदा अभियानों में कमांडर इन चीफ और मुख्य कार्यकारी के रूप में अमेरिकी सेना की भागीदारी का निर्देश दिया था।

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