मुरादाबाद: जमीन के विवाद में कारखाना मालिक की गोली मारकर हत्या
मुरादाबाद, अमृत विचार। देर रात मझोला थाना क्षेत्र में बूंदी बनाने का कारखाना चलाने वाले माेनू की हत्या के पीछे जमीन का विवाद सामने आया है। जमीन के विवाद में उसके बहनोई और भाई ने ही गोली मारकर हत्या कर दी। पत्नी ने उसके ननदोई और देवर पर ही हत्या करने का कराने का आरोप …
मुरादाबाद, अमृत विचार। देर रात मझोला थाना क्षेत्र में बूंदी बनाने का कारखाना चलाने वाले माेनू की हत्या के पीछे जमीन का विवाद सामने आया है। जमीन के विवाद में उसके बहनोई और भाई ने ही गोली मारकर हत्या कर दी। पत्नी ने उसके ननदोई और देवर पर ही हत्या करने का कराने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
- पत्नी की तहरीर पर भाई व बहनोई के खिलाफ मुकदमा दर्ज
- मझोला के कुन्दनपुर ढक्का में शनिवार देर रात हुई थी घटना
मझोला थाना क्षेत्र के लाइनपार ढक्का कृष्णा कालोनी निवासी 38 वर्षीय मोनू प्रजापति घर के पास ही बूंदी बनाने का कारखाना चलाते थे। परिवार में पत्नी राजवती, बेटा केशव और चार बेटियां हैं। शनिवार देर रात करीब साढ़े 11 बजे घर के पास ही मोनू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
सीओ सिविल लाइंस आशुतोष तिवारी ने बताया कि इस मामले में मोनू की पत्नी राजवती ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि गोली की आवाज सुनकर जब वह बाहर आई तो मोनू खून से लथपथ पड़े था। उन्हें तत्काल दिल्ली रोड स्थित निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बताया कि संपत्ति के बंटवारे को लेकर उसके पति मोनू का छोटे भाई सोनू से विवाद चल रहा था। महिला ने बताया कि मोनू का बहनोई मंडी समिति निवासी प्रदीप भी सोनू का साथ दे रहा था। राजवती का आरोप है कि उसके देवर सोनू और ननदोई प्रदीप ने ही मोनू की हत्या की है या किसी से कराई है।
एसएचओ मझोला धनंजय सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर सोनू और उसके बहनोई प्रदीप के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस की टीम आरोपियों की तलाश में जुटी है।
हत्यारों ने छिप कर सिर में मारी गोली
रविवार को मझोला पुलिस ने मोनू के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। पोस्टमार्टम में पता चला कि मोनू के सिर में बाईं ओर गोली मारी गई थी। इसके बाद अत्यधिक खून बहने से उसकी मौत हो गई। मोनू के सिर में 315 बोर की गोली भी मिली है। जिस तरह से गोली मारी गई है उससे तय है कि हत्यारोपी छिपकर मोनू पर नजर रखे हुए थे। उन्हें उसके फैक्ट्री से आने व जाने के समय की सटीक जानकारी थी। इसलिए वह जैसे ही फैक्ट्री से निकल कर घर जाने लगा तभी पीछे से उस पर फायर किया गया।
