स्मार्ट सिटी रैंकिंग में प्रदेश में तीसरे नंबर पर आ सकता है बरेली

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अमृत विचार, बरेली। स्मार्ट सिटी रैंकिंग में इस बार बरेली का छलांग लगाना तय है। उम्मीद जताई जा रही है कि बरेली प्रदेश में तीसरे पायदान पर आ सकता है। इसके पीछे पुख्ता कारण भी हैं, जो इसे आगे बढ़ाने के लिए वाजिब भी हैं। पिछली बार ठेकेदारों द्वारा काम शुरू नहीं करने का असर …

अमृत विचार, बरेली। स्मार्ट सिटी रैंकिंग में इस बार बरेली का छलांग लगाना तय है। उम्मीद जताई जा रही है कि बरेली प्रदेश में तीसरे पायदान पर आ सकता है। इसके पीछे पुख्ता कारण भी हैं, जो इसे आगे बढ़ाने के लिए वाजिब भी हैं। पिछली बार ठेकेदारों द्वारा काम शुरू नहीं करने का असर रैंकिंग पर पड़ा और बरेली का स्थान देश में 17वें और प्रदेश में पांचवे नंबर पर रहा, जबकि पिछली बार चौथे नंबर पर बरेली था।

दरअसल स्मार्ट सिटी की रैंकिंग तय करने के कई चरण हैं। हर चरण में किया गया कार्य रैंकिंग तय करने में सहायक है। मंत्रालय की साइट पर भी इसका ब्यौरा दर्ज है। इसके तहत केन्द्र सरकार से कितना पैसा है। उसमें से कितना प्रयोग किया गया। कितने टेंडर किए गए। टेंडर होने के बाद उसके पूरा होने की क्या तिथि तय की। इस चरण की रैंकिंग अलग है। यानी इसे शुरुआती रैंकिंग कह सकते हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो सहारनुपर और मुरादाबाद के साथ रैंकिंग में शामिल हुए बरेली की बढ़त बहुत तेज है। उसके साथ के दोनों जिलों में कार्य की प्रगति सुस्त चल रही है।

यह है रैंकिंग में छलांग का कारण
बरेली रैंकिग के उस दौर में पहुंच गया है, जहां उसके प्रोजेक्ट पूरे होने वाले हैं। रैंकिग तय करने की एक सीढ़ी यह भी है कि जितना काम किया गया, उसमें से जनता को कितना लाभ मिला। इस श्रेणी में पहुंचने से बरेली स्मार्ट सिटी को लाभ होना तय है। क्योंकि यहां म्यूजिकल फाउंटेन से बनती आकृति वाला अक्षर विहार प्रोजेक्ट, गांधी उद्यान में शीशे की भूलभुलैया, जेल में लाइट एंड म्युजिक सिस्टम का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा शहर में जगह- जगह लगे साइनेज बोर्ड लगाए गए हैं।

शहर के 25 स्थानों पर यह बोर्ड लगाकर उस स्थान के इतिहास की जानकारी जनता को दी गई है। शहर में वनखंडी नाथ, मढ़ीनाथ, त्रिवटीनाथ मंदिर, बरेली कॉलेज, कमिश्नरी, जेल, आदि शहर की प्रमुम स्थानों पर यह बोर्ड लगाए गए हैं। गांधी उद्यान में ध्वज के पास इसी तरह के बोर्ड लगाकर जनता को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। इस तरह के कई काम अभी तक बरेली की ओर से रिपोर्ट नहीं किए गए थे। इस बार इसकी रिपोर्टिंग होती है तो ओवरआल रैंकिंग पर उछाल आना स्वाभाविक है।

यह है पिछड़ने का कारण
स्मार्ट सिटी की रैंकिंग में बरेली के पिछड़ने का कारण ऐसा नहीं है कि यहां काम नहीं हुआ है। पिछली बार कई ठेकेदारों ने भुगतान नहीं मिलने की वजह से काम शुरु नहीं किया। केंद्र से भी पैसा नहीं आया तो भुगतान भी नहीं हुआ। इसका असर काम पर पड़ा और रैंकिंग आगे जाने के बजाय पिछड़ गई। कई काम पूरे नहीं हो पाए।

अभिषेक आनंद, सीईओ, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट-
बरेली स्मार्ट सिटी में जनता को सुविधा देने वाले कई प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं। कुछ पर काम चल रहा है और वे पूरे होने के करीब पहुंच चुके हैं। इसका असर रैंकिंग पर पड़ता है। कई प्रोजेक्ट इस बार पूर्ण हो चुके हैं। इनकी सूची जाएगी तो निश्चित ही इसका असर रैंकिंग पर पड़ेगा।

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