बरेली: पीपीपी मोड पर शुरू नहीं हुआ कैंट जनरल अस्पताल

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अमृत विचार, बरेली। छह माह पहले कैंट के जनरल अस्पताल को पीपीपी मोड पर संचालित करने की कवायद शुरू की गई थी, लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी व्यवस्थाएं आधी -अधूरी हैं। मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सनराइज सोसायटी फॉर वूमेन डेवलपमेंट कंपनी को पीपीपी मोड पर अस्पताल संचालित करने …

अमृत विचार, बरेली। छह माह पहले कैंट के जनरल अस्पताल को पीपीपी मोड पर संचालित करने की कवायद शुरू की गई थी, लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी व्यवस्थाएं आधी -अधूरी हैं। मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सनराइज सोसायटी फॉर वूमेन डेवलपमेंट कंपनी को पीपीपी मोड पर अस्पताल संचालित करने का जिम्मा दिया गया था, लेकिन जो व्यवस्थाएं कंपनी की ओर से अस्पताल में संचालित करनी थीं, वे अभी तक पूर्ण नहीं हो पाई हैं।

इन सुविधाओं का करना था संचालन
कैंट बोर्ड अधिकारियों के अनुसार कैंट जनरल अस्पताल में वर्तमान में ओपीडी यानी बाह्य रोगी विभाग संचालित हो रहा है। कंपनी की ओर से अस्पताल में आईपीडी, आईसीयू, एनआईसीयू, पैथोलॉजी समेत अन्य सुविधाएं भी शुरु करनी थीं, इसके साथ ही ओपीडी में सेवाएं देने के लिए डॉक्टर, पैरामेडिकल और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति करनी थी, हालांकि तीन से चार डॉक्टर, नर्सिंग इंचार्ज और कर्मचारियों की नियुक्ति हो चुकी है, लेकिन पूर्ण रूप से व्यवस्थाएं सुगम करने के लिए अन्य कर्मचारियों की अभी भी आवश्यकता है।

लगातार घट रही मरीजों की संख्या
कैंट बोर्ड और कंपनी के बीच आपसी सामंजस्य न होने के चलते अस्पताल में ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या लगातार घट रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार ओपीडी में बैठने वाले डॉक्टरों की संख्या कम होने के चलते कम संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। फरवरी तक अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या प्रतिदिन 100 से अधिक रहती थी, लेकिन वर्तमान में यह घटकर महज 50 से 70 तक आ गई है। मंगलवार को कुल 65 मरीज ही ओपीडी में इलाज कराने के लिए पहुंचे थे।

डॉ. वंदना, रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर, कैंट जनरल अस्पताल-
कंपनी को अस्पताल के हिस्से में ओपीडी, आईपीडी, एनआईसीयू समेत अन्य व्यवस्थाएं शुरु करनी थीं, जो कि लंबा समय बीतने के बाद भी संचालित नहीं हो सकी हैं। बोर्ड की ओर से कंपनी को नोटिस जारी कर जून तक व्यवस्थाएं शुरू करने का समय दिया गया है। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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