लखीमपुर-खीरी: जिला अस्पताल में भर्ती बंदी की उपचार के दौरान मौत
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। जिला अस्पताल में भर्ती बंदी की उपचार के दौरान मौत हो गई। उसे सदर कोतवाली पुलिस ने चार दिन पहले एनडीपीएस एक्ट में जेल भेजा था। परिवार वालों ने पुलिस को मौत का जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि शव पर चोट के निशान है। उसकी सदर कोतवाली पुलिस की पिटाई …
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। जिला अस्पताल में भर्ती बंदी की उपचार के दौरान मौत हो गई। उसे सदर कोतवाली पुलिस ने चार दिन पहले एनडीपीएस एक्ट में जेल भेजा था। परिवार वालों ने पुलिस को मौत का जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि शव पर चोट के निशान है। उसकी सदर कोतवाली पुलिस की पिटाई से मौत हुई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
सदर कोतवाली पुलिस ने महेवागंज पुलिस चौकी क्षेत्र के गांव बालूडीह निवासी रवि उर्फ डब्ल्यू को 12 जून 22 को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसके पास से एक किलो 10 ग्राम गांजा बरामद होने का दावा कर उसे जेल भेजा था। जेलर पंकज कुमार सिंह ने बताया कि बंदी रवि की हालत गुरुवार की सुबह अचानक बिगड़ गई। इस पर उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन जब हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
जेल पुलिस सुबह 10ः40 बजे रवि को लेकर जिला अस्पताल पहुंची और उसे भर्ती कराया। इमरजेंसी के डॉक्टर ने हालत में कोई सुधार न होने पर उसे 11रू10 मिनट पर लखनऊ के लिए रेफर कर दिया, लेकिन जब तक जेल प्रशासन उसे लखनऊ ले जाने की व्यवस्था करता। इससे पहले ही शाम करीब 3रू30 बजे रवि ने दम तोड़ दिया।
बंदी की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार के लोग अस्पताल पहुंच गए। शव देख उनमें चीख पुकार मच गई। जिला अस्पताल में मौजूद मृतक के साले राज बाजपेई ने बताया कि बहनोई के शव पर चोट के निशान हैं। इससे साफ है कि सदर कोतवाली पुलिस ने बहनोई की जमकर पिटाई की, जिससे आईं चोटों के कारण मौत हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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