अयोध्या: आवास के लिए तरस रहीं विधवा सास-बहू, तमाम पत्राचार के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
अमृत विचार, अयोध्या। विकासखंड पूराबाजार के ग्राम पंचायत सराय चैमल के राजस्व गांव लक्ष्मीदासपुर में एक गरीब गरीब विधवा सास-बहू को वर्षों से सिर छिपाने के लिए आवास नहीं मिल सका, जिससे परिवार खुले आसमान में पल्ली तानकर जीवन काटने के लिए विवश हैं। तमाम पत्र व लिखने व अधिकारियों को व्यथा बताने के बाद …
अमृत विचार, अयोध्या। विकासखंड पूराबाजार के ग्राम पंचायत सराय चैमल के राजस्व गांव लक्ष्मीदासपुर में एक गरीब गरीब विधवा सास-बहू को वर्षों से सिर छिपाने के लिए आवास नहीं मिल सका, जिससे परिवार खुले आसमान में पल्ली तानकर जीवन काटने के लिए विवश हैं। तमाम पत्र व लिखने व अधिकारियों को व्यथा बताने के बाद भी इन्हें आवास मयस्सर नहीं हो सका है।
गांव निवासी सास सोनापति पत्नी हरि प्रसाद व बहू शीला पत्नी स्व. सालिकराम का कच्चा मकान दो वर्ष पूर्व बरसात में ढह गया था। कई बार गांव में खुली बैठक हुई, लेकिन आज तक आवास नहीं मिला। आलम यह है कि विधवा सास-बहू परिवार के साथ खुले आसमान में पल्ली तानकर जीवन जीने के लिए मजबूर है। जबकि प्रधानमंत्री आवास के लिए विधवा सास बहू ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत सचिव से लेकर जिले के अधिकारियों व ब्लॉक प्रमुख को लिखित प्रार्थना पत्र दिया।
लेकिन परिवार को छत मुहैया नहीं हो सकी। कमोवेश ग्राम पंचायत में सुनीता पत्नी स्व. राजितराम, भानुमति पत्नी स्व. विश्राम व पुष्पा पत्नी बिंदेश्वरी प्रसाद, सुशीला पत्नी रामचंद्र, सलमा बानो पत्नी जैनुल का भी कच्चा मकान बरसात में ढह गया था। हल्का लेखपाल ने तहसील प्रशासन से अहेतुक सहायता भी न दिला सके। ग्राम पंचायत सचिव ने विधवा व गरीब को आवास दिलाने के लिए शासन के निर्देश पर वर्ष 2018-19 में सूची बनाकर भेज दिया, लेकिन आलम यह है कि सूची जारी होने पर इन गरीबो का नाम कट गया।
वर्जन सभी पात्रों को प्रधानमंत्री आवास मिलेगा, जिसके लिए खुली बैठक कराकर सूची बनवाई जा रही है। जांच कराकर प्राथमिकता के आधार पर प्रधानमंत्री आवास आवंटित कराया जाएगा। केके शुक्ला, खंड विकास अधिकारी, पूराबाजार
