अयोध्या: शिक्षकों को तेजाब युक्त पानी पिलाने वाले कर्मी को मिली चेतावनी, जांच के लिए 5 सदस्यीय कमेटी गठित

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अमृत विचार, अयोध्या। साकेत महाविद्यालय में तेजाब युक्त गिलास में चार शिक्षकों को पानी पिलाने के मामले में प्रचार्य ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है। साथ ही आरोपी चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी को चेतावनी पत्र दिया गया है। महाविद्यालय के चारों शिक्षकों की हालत स्थिर बताई जा रही है। शिक्षकों के …

अमृत विचार, अयोध्या। साकेत महाविद्यालय में तेजाब युक्त गिलास में चार शिक्षकों को पानी पिलाने के मामले में प्रचार्य ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है। साथ ही आरोपी चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी को चेतावनी पत्र दिया गया है। महाविद्यालय के चारों शिक्षकों की हालत स्थिर बताई जा रही है। शिक्षकों के स्वास्थ्य परीक्षण के बाद चिकित्सकों ने कहा है कि कोई भी चिंताजनक लक्षण नहीं मिला है।

का. सु. साकेत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अभय कुमार सिंह ने बाकायदा एक पत्र जारी करते हुए कहा है कि परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से ज्ञात हुआ है कि गिलास में जमे कैल्शियम सतह को पूर्णतया हटाने के लिए नियमित जल पिलाने वाले कर्मचारी ने कुछ बूंद अम्ल की डाल रखी थी। उक्त स्थान पर गिलासों की संख्या अधिक होने के कारण अम्ल रखे गिलास स्वच्छ गिलास में मिल गये। इस दौरान प्रतिस्थानी कर्मचारी अनभिज्ञ होने के कारण उसी गिलास में पेयजल उक्त प्राध्यापकों को दे दिया था।

दरअसर बुधवार को द्वितीय पाली की परीक्षा के दौरान चार शिक्षकों / सहायक केन्द्राध्यक्षों डॉ. अशोक कुमार राय (विधि विभाग), डॉ. सुधीर कुमार राय (मनोविज्ञान विभाग), डॉ. जनमेजय तिवारी (अंग्रेजी विभाग) व डॉ. अकबर मेंहदी मुजफ्फर (उर्दू विभाग) ने प्राचार्य कक्ष के बाहर घंटा वादन के लिए नियुक्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से पेयजल की मांग की थी।

प्राचार्य कक्ष में नियुक्त जल प्रापक के अवकाश पर होने के कारण प्रतिस्थानी के तौर पर घंटा वादक कर्मचारी ने प्राचार्य कक्ष की पैन्ट्री में रखे स्टील के गिलासों में पानी उक्त प्राध्यापकों को दिया। पेयजल मुंह में लेते ही प्राध्यापकों को आभास हो गया कि गिलास का जल अपमिश्रित है। सभी ने प्रसाधन में मुंह में लिए अपमिश्रित जल को उगल दिया।

इस मध्य एक प्राध्यापक डॉ. ए०के० राय ने एक घूँट अपमिश्रित जल निगल लिया, जिसके कारण तत्काल प्रकट स्वास्थ्यगत समस्याओं के दृष्टिगत उन्हें निकटस्थ श्रीराम चिकित्सालय अयोध्या भेजा गया था। फिलहाल चिकित्सक ने सभी को बेड रेस्ट की सलाह दी है।

सर्वाधिक प्रभावित शिक्षक के स्वास्थ्य की महाविद्यालय प्रशासन स्तर पर निरंतर देखभाल की जा रही है। इस सम्बन्ध में अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह भी ली जा रही है। शिक्षकों के स्वास्थ्य परीक्षा के उपरान्त चिकित्सक के अनुसार स्वास्थ्य सम्बन्धी चिन्ताजनक लक्षण नहीं है।

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