सिलचर के सभी बाढ़ प्रभावित लोगों तक अब भी प्रशासन को पहुंचना है : हिमंत सरमा

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सिलचर। असम में कछार जिले का सिलचर शहर करीब एक सप्ताह से बाढ़ की वजह से जलमग्न है। इस बीच, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने रविवार को स्वीकार किया कि प्रशासन अब तक सभी प्रभावित लोगों तक नहीं पहुंच सका है। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव अभियान में लगी सभी एजेंसियों को लोगों तक …

सिलचर। असम में कछार जिले का सिलचर शहर करीब एक सप्ताह से बाढ़ की वजह से जलमग्न है। इस बीच, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने रविवार को स्वीकार किया कि प्रशासन अब तक सभी प्रभावित लोगों तक नहीं पहुंच सका है। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव अभियान में लगी सभी एजेंसियों को लोगों तक पहुंचने के अभियान को तेज करने और यथाशीघ्र सभी प्रभावितों तक पहुंचने की कोशिश करने का निर्देश दिया गया है।

सरमा स्थानीय लोगों से स्वयं हालात का जायजा लेने के लिए पानी में पैदल चलकर बाढ़ प्रभावित इलाके में गए और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की नौका में बैठकर भी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरे के दौरान कैबिनेट मंत्री परिमल सुक्लावैद्य, सिलचर से सांसद राजदीप रॉय और कई विधायक, स्थानीय प्रशासन और पुलिस के कई अधिकारी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ हालात और राहत व बचाव अभियान के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा करने के लिए बैठक की। बाद में, संवाददाताओं से बातचीत में सरमा ने स्वीकार किया कि प्रशासन अब तक सभी प्रभावितों तक नहीं पहुंच पाया है।

उन्होंने कहा, ‘‘कई इलाकों में हम प्रभावित लोगों तक पहुंच नहीं पाए हैं। मैं इससे इनकार नहीं कर रहा। मैंने निर्देश दिया है कि कैसे अधिकतम पहुंच सुनिश्चित की जा सकती है। हम इस मामले पर सुझावों को भी स्वीकार करने को तैयार हैं।’’ सरमा ने मुश्किल समय में लोगों से एक-दूसरे के लिए खड़े होने की अपील की और सिलचर में लोगों तथा समूहों द्वारा किए जा रहे परोपकारी कार्य की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘‘प्रशासन का 50 प्रतिशत कार्य परोपकारी संगठनों और लोगों द्वारा किया जा रहा है।

लोग कुल मिलाकर राहत कार्यों से खुश हैं। यह संभव नहीं है कि सभी व्यक्तियों तक पहुंचा जाए, लेकिन मोटे तौर पर हम हर उस व्यक्ति तक पहुंचे हैं जिसने मदद मांगी।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर (सिलचर) में सोमवार या मंगलवार को चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे और गुवाहाटी व सेना के डॉक्टर इन शिविरों को चलाने में मदद करेंगे। सरमा ने कहा, ‘‘बराक नदी में जलस्तर अब भी खतरे के निशान ने ऊपर है।

अब तक नुकसान की चपेट में आईं चीजों की मरम्मत से पहले जलस्तर में कमी जरूरी है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘और अधिक बारिश का पूर्वानुमान है। हम अब यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि अधिक बारिश से कम से कम नुकसान हो।’’ असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा शनिवार शाम जारी किए गए बुलेटिन के मुताबिक, कछार जिले के सिलचर राजस्व क्षेत्र में 96 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

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