बदायूं: कन्हैयालाल की हत्या के विरोध में हिजाम का प्रदर्शन, पुलिस से धक्का-मुक्की
बदायूं, अमृत विचार। भाजपा नेत्री का समर्थन करने पर राजस्थान के उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल की हत्या के विरोध में हिंदू जागरण मंच की युवा वाहिनी ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो पुलिस से भी धक्का-मुक्की हुई। उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई। एसपी सिटी प्रवीण सिंह चौहान, सिटी मजिस्ट्रेट अमित …
बदायूं, अमृत विचार। भाजपा नेत्री का समर्थन करने पर राजस्थान के उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल की हत्या के विरोध में हिंदू जागरण मंच की युवा वाहिनी ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो पुलिस से भी धक्का-मुक्की हुई। उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई। एसपी सिटी प्रवीण सिंह चौहान, सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार और सीओ सिटी आलोक मिश्रा ने उन्हें रोककर ज्ञापन लेकर वापस भेज दिया। युवा भारत माता की जय के नारे और कन्हैया लाल के हत्यारों को फांसी देने के नारे लगाते हुए वापस चले गए।
हत्या के बाद जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। गुरुवार को युवा वाहिनी के पदाधिकारियों ने गांधी ग्राउंड से प्रदर्शन करते हुए जाकर महाराणा प्रताप चौक पर जेहादियों का पुतला फूंकने का आह्वान किया। दर्जनों युवा सुबह के समय गांधी ग्राउंड चौराहे पर एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए लाबेला चौक की ओर बढ़े। चौराहे के पास ही सदर कोतवाल देवेंद्र सिंह ने धामा ने उन्हें रोका। कहा कि वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए प्रदर्शन नहीं किया जा सकता। शासन का आदेश है।
एसडीएम को बुलाया गया है। वह मौके पर आकर ज्ञापन ले लेंगे। युवा नहीं माने और नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने लगे। पुलिस ने रोकने की कोशिश की फिर भी युवा नहीं माने। धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कोतवाल ने अधिकारियों को परिस्थिति से अवगत कराया। युवा आगे बढ़ रहे थे कि कांग्रेस के पुराने कार्यालय के सामने एसपी सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी पुलिस बल के साथ पहुंच गए। युवाओं को समझाने की कोशिश की।
युवाओं ने कहा कि ज्ञापन देना उनका अधिकार है। प्रदर्शन नहीं करेंगे। महाराणा प्रताप चौक जाकर पुतला फूंकेंगे। अधिकारियों से बहस करने लगे। एसपी सिटी ने ज्ञापन देने को कहा। युवा मान गए और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन दिया। जिसमें हत्यारे और उनके सहयोगियों को फांसी की मांग की।
कहा कि राजस्थान में जब से कांग्रेस की सरकार बनी है तभी से हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं। ऐसा लगता है कि अपराधियों को सरकार का संरक्षण प्राप्त है। युवा जिलाध्यक्ष नितिन कमठाना, अधिवक्ता अरविंद परमार, सुनील गुर्जर, विपिन, विशाल, राहुल, राजू सागर, अभिषेक साहू, अमित सक्सेना, आकाश, राजा साहू, नमन, मोहित, शिवम आदि शामिल रहे। पुलिस ने उनका पुतला लेकर वापस भेज दिया।
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