गेहूं के डंठल की बनीं कलाकृतियां भेजी जाएंगी दूसरे प्रदेश : आईटी संयोजक गौरव
बहराइच। मिहिपुरवा विकास खंड के बलई गांव में निवास करने वाली अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को गेहूं के डंठल से बनने वाले उत्पाद का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। जिसका समापन रविवार को हुआ। सभी प्रमाण पत्र देकर उन्हें स्वावलंबन बनाने के टिप्स दिए गए। जन सांस्कृतिक एवं सामाजिक विकास संस्थान के द्वारा जिले के …
बहराइच। मिहिपुरवा विकास खंड के बलई गांव में निवास करने वाली अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को गेहूं के डंठल से बनने वाले उत्पाद का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। जिसका समापन रविवार को हुआ। सभी प्रमाण पत्र देकर उन्हें स्वावलंबन बनाने के टिप्स दिए गए।
जन सांस्कृतिक एवं सामाजिक विकास संस्थान के द्वारा जिले के मिहिपुरवा ब्लॉक के सोहनी बलाई गांव में निवास करने वाली थारू जनजाति की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा था। समूह के लिए एक जनपद एक उत्पाद योजना के अंतर्गत जनपद बहराइच में गेहूं के डंठल से कला कृतियों को बनाने की कार्यशाला का समापन रविवार को हुआ।
मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय श्रमिक संघ के महासंघ के राष्ट्रीय आइटी संयोजक गौरव शर्मा रहे। उन्होंने कहा कि ओडीओपी योजना के अंतर्गत जनपद बहराइच में गेहूं के डंठल से बनने वाली कला कृतियों को यूपी शासन और प्रशासन के द्वारा उत्तर प्रदेश के सभी बड़े महानगरों और दूसरे राज्यों में प्रदर्शनी और बिक्री के लिए कई प्रकार के आयोजन करने की योजना संस्थान की ओर से बनाई जाएगी।
ताकि थारू जनजाति की महिला और पुरुष दोनों की शिल्प कला को राष्ट्रीय स्तर पर व्यावसायिक पहचान मिल सके।, संस्थान के अध्यक्ष जसवीर सिंह ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जितनी महिलाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है उन सभी को ज़िला उद्योग केन्द्र के माध्यम से टूल किट भी वितरित किया जाएगा।
साथ ही दस दिवसीय कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए सरकार की ओर से प्रति प्रशिक्षु दो सौ रुपए प्रति दिन के हिसाब से दस दिन का दो हजार रूपया भी प्रदान किया जाएगा। इस दौरान उप सचिव गौरव शर्मा, शिवम सिंह, अंकित वाल्मीकि, सोनू मौर्य, युनुस खान के अलावा महिलाएं शामिल रहीं।
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