भक्ति योग के मार्ग से अपने को ईश्वर से जोड़ें: पं. गिरीशपति त्रिपाठी
अयोध्या। वशिष्ठ पीठ तीन कलश तिवारी मंदिर के वर्तमान परंपरावाहक महंत पंडित गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि हमें अपने इस कालखंड में परमात्मा के प्रति कृतार्थ भाव से ईश्वर और जगत के बीच में अपने आप को जोड़ने के एक अवसर के रूप में ईश्वर के प्रति आभारी होना चाहिए। हम लोगों के साथ भक्ति …
अयोध्या। वशिष्ठ पीठ तीन कलश तिवारी मंदिर के वर्तमान परंपरावाहक महंत पंडित गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि हमें अपने इस कालखंड में परमात्मा के प्रति कृतार्थ भाव से ईश्वर और जगत के बीच में अपने आप को जोड़ने के एक अवसर के रूप में ईश्वर के प्रति आभारी होना चाहिए। हम लोगों के साथ भक्ति योग के मार्ग से अपने आप को ईश्वर के साथ जोड़ें और अपना जीवन सार्थक बनाएं। यही “हृदय में राम” का सन्देश है।
गिरीशपति विवेक सृष्टि में आयोजित “हृदय में राम” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। अयोध्या में योग दिवस समारोह की सफलता में लगे कार्यकर्ताओं के मिलन व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। अध्यक्षता करते हुए प्रतिष्ठित योगाचार्य डॉक्टर चैतन्य ने कहा कि योग दिवस के अवसर पर सारे संसार में भव्यतम कार्यक्रमों का आयोजन किया जो अत्यंत गर्व की अनुभूति कराता है।
सेवा के सचिव ई. रवि तिवारी ने कहा कि वशिष्ठपीठ, विवेक सृष्टि, सेवा, नारी सशक्तिकरण योग संस्थान, रघुवर दयाल सेवा ट्रस्ट, वात्सल्य फाउन्डेशन, सपना फाउंडेशन, योग दीक्षा संस्थान, श्रीसत्यसाईं सेवा संगठन, स्वामी विवेकानंद योग केंद्र, सेवा भारती, आरोग्य भारती, विवेकानंद सेवा मंच एवं अन्य सहयोगी संस्थान समारोह की सफलता हेतु निरंतर सक्रिय रहे।
मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गुरुदेव ने कहा की विवेक सृष्टि में भी एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाना अत्यंत गौरव का विषय हैl डॉ. सुरेंद्र, डॉ. उपेंद्र मणि, वीरेश चन्द्र, अरविंद, विवेक सृष्टि के कोषाध्यक्ष राम कुमार, राजेश, राजलक्ष्मी, ममता, सीमा, सरिता, बंदना , सोनी आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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