बरेली: गो आश्रय स्थल निर्माण में रोड़ा बनी विवादित जमीन

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बरेली, अमृत विचार। जिले में 32 ग्राम पंचायतों में नए गो आश्रय स्थल बनाने का निर्णय पिछले वर्ष लिया गया था। इनमें से अभी तक बिथरी चैनपुर की ग्राम पंचायत नरौत्तम नगला में कार्य पूरा हो सका है, जबकि बहेड़ी, बिथरी चैनपुर, फरीदपुर, क्यारा व दमखोदा में जमीन विवादित होने की वजह से गो आश्रय …

बरेली, अमृत विचार। जिले में 32 ग्राम पंचायतों में नए गो आश्रय स्थल बनाने का निर्णय पिछले वर्ष लिया गया था। इनमें से अभी तक बिथरी चैनपुर की ग्राम पंचायत नरौत्तम नगला में कार्य पूरा हो सका है, जबकि बहेड़ी, बिथरी चैनपुर, फरीदपुर, क्यारा व दमखोदा में जमीन विवादित होने की वजह से गो आश्रय स्थल का निर्माण नहीं शुरू हो पा रहा है। अन्य सभी ग्राम पंचायतों में गो आश्रय स्थल का कार्य निर्माणाधीन है।

छुट्टा मवेशियों को रखे जाने के लिए नये गो आश्रय स्थल बनाए जाने का काम पिछले वर्ष शुरू किया गया है। शासन की मंशा है कि इस साल दिसंबर तक सभी गो आश्रय स्थलों का काम पूरा कर लेना है, लेकिन इनका कार्य काफी सुस्त है। कहीं पर विवादित भूमि की वजह से काम शुरू नहीं हो सका है तो कहीं पर बजट के अभाव में कार्य प्रभावित हो रहा है।

जनपद की 58 गोशालाओं में करीब 7,500 गोवंश संरक्षित किए गए हैं। साथ ही कुछ गोवंशों को किसानों को भी सौंपा गया है। किसान निराश्रित गोवंशों का पालन कर रहे हैं। उनको पशु पालन विभाग की ओर से प्रति पशु 30 रुपये भुगतान किया जाता है। बढ़ते निराश्रित गोवंशों की संख्या को देखते हुए नए गो आश्रय बनाए जा रहे हैं ताकि गोवंशों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

जिन स्थानों पर विवादित भूमि है, उनके बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। इसके अतिरिक्त दूसरे स्थान पर भूमि तलाशी जा रही हैडॉ. ललित कुमार वर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।

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