अयोध्या: सात चिकित्सकों के तबादले के बाद जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों का टोटा, मरीज परेशान

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अयोध्या। जिला अस्पताल को चिकित्सकों के सूखे का रोग लग गया है। यहां पहले से ही 10 से अधिक चिकित्सकों का टोटा था। तबादले की आंधी ने स्थिति और भी अधिक बिगाड़ दी। यहां से 7 चिकित्सकों का गैर जनपद में स्थानांतरण हो गया है, जिस कारण इलाज कराने आ रहे मरीज लाचार नजर आ …

अयोध्या। जिला अस्पताल को चिकित्सकों के सूखे का रोग लग गया है। यहां पहले से ही 10 से अधिक चिकित्सकों का टोटा था। तबादले की आंधी ने स्थिति और भी अधिक बिगाड़ दी। यहां से 7 चिकित्सकों का गैर जनपद में स्थानांतरण हो गया है, जिस कारण इलाज कराने आ रहे मरीज लाचार नजर आ रहे हैं। मरीजों की दुर्दशा देखते ही बनती है। भीषण गर्मी में लंबी-लंबी लाइन लगाकर मरीज व तीमारदार सरकारी सिस्टम को कोस रहे हैं।

जिला अस्पताल में प्रतिदिन 800 से 1500 तक की ओपीडी होती है। कुल 216 बेड हैं। मंडल मुख्यालय होने के नाते आस-पास के जिलों के मरीज भी यहां इलाज कराने पहुंचते हैं। यहां चिकित्सकों के 46 पद स्वीकृत हैं। अस्पताल में फिजीशियन के सभी तीन, ईएमओ के चार व विशिष्टता और अति विशिष्टता के चिकित्सकों के सभी पांच पद रिक्त चल रहे थे। इन पदों को भरने के लिए शासन स्तर पर कई बार पत्राचार किया गया था, लेकिन तैनाती नहीं हो सकी। शासन की तबादला नीति ने यहां से और भी चिकित्सक छीन लिए।

हालांकि तबादले में अन्य जनपदों से यहां 14 डॉक्टर आए, लेकिन एक चर्म रोग विशेषज्ञ देकर ही इतिश्री कर ली गई। सीएमएस सीबीएन त्रिपाठी बताते हैं कि सात चिकित्सकों के तबादले के बदले महज एक डॉक्टर ही यहां भेजा गया है। हालांकि चाइल्ड स्पेशलिस्ट व फिजीशियन की तैनाती नहीं की गई। अपर मुख्य सचिव ने शीघ्र ही समस्या का निराकरण कराने का आश्वासन दिया है।

इन चिकित्सकों का यहां हुआ तबादला

  1. चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. आरबी वर्मा, लखनऊ
  2. आर्थो सर्जन डॉ. जीसी पाठक, मऊ
  3. जनरल सर्जन डॉ. आरसी गुप्ता, देवीपाटन मंडल
  4. जनरल सर्जन डॉ. मिथिलेश भारती
  5. बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके वर्मा, लखनऊ
  6. चिकित्सक इंद्र भूषण
  7. दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी सिंह, श्रावस्ती

नौकरी को बचे थे 1 वर्ष फिर भी किया स्थानांतरण

जिला अस्पताल के जानकारों का कहना है कि शासन की नीति के मुताबिक दिव्यांग, बीमार और जिनकी रिटायरमेंट 2 वर्ष शेष है, उनका स्थानांतरण नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन शासन ने रिटायरमेंट के 1 वर्ष बचे होने के बावजूद डेंटल सर्जन डीपी सिंह का तबादला कर दिया। साथ ही 4 स्टाफ नर्स व दो फार्मासिस्टों का भी गैर जनपद तबादला कर दिया गया।

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