अमेठी: फंदे से लटका मिला राजस्व कर्मी का शव, मृतक की पत्नी ने लगाया लेखपाल पर यह गंभीर आरोप

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अमेठी। घर के अंदर कमरे के छत में लगे पंखे से गमछे के सहारे राजस्व निरीक्षक की रविवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में शव लटकता मिला। राजस्व निरीक्षक जिले के अमेठी तहसील में तैनात था। सूचना मिलते ही एसडीएम व सीओ के साथ कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य संकलन के बाद पुलिस …

अमेठी। घर के अंदर कमरे के छत में लगे पंखे से गमछे के सहारे राजस्व निरीक्षक की रविवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में शव लटकता मिला। राजस्व निरीक्षक जिले के अमेठी तहसील में तैनात था। सूचना मिलते ही एसडीएम व सीओ के साथ कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य संकलन के बाद पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं मृतक की पत्नी गीता के मुताबिक उनके पति कानून गो के पद पर तैनाती के बाद से ही काफी परेशान थे। उनके किसी साथी लेखपाल ने सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिया था। जिससे वे काफी चिंतित रहा करते थे। कभी कभी कहते थे कि बर्खास्त हो जाऊंगा।

जायस नगर के मोहल्ला ख़्वाजगान निवासी राम सागर (50) जिले के अमेठी तहसील के भेटुआ ब्लॉक में राजस्व निरीक्षक के पद पर तैनात थे। मौजूदा समय में वह परिवार के साथ रायबरेली में रह रहे थे। मृतक की जायस में ही ससुराल भी है। रविवार को वह कार्यक्षेत्र में जाने के लिए घर से निकले थे। देर शाम तक घर न पहुंचने पर परिवारीजन चिंतित हुए और उन्हें फोन करना शुरू किया।

लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। शहर के कासिमपुर स्थित राजस्व निरीक्षक का एक और मकान है। जिसका शटर खुला था। देर शाम किसी ने मृतक के पुत्र को बताया कि उनके दूसरे मकान का शटर खुला है। शटर खुले होने की जानकारी पर परिजन जायस निवासी अपने रिश्तेदार को फोन किया तो वे वहां पहुंच कर घर के अंदर दाखिल हुए तो उनके पैरों के नीचे जमीन खिसक गई।

कमरे में लगे पंखे के सहारे फंदे से लटकते बहनोई का शव देख चीख निकल गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना के बाद एसडीएम तिलोई फाल्गुनी सिंह, सीओ डा. अजय कुमार सिंह व फोरेंसिक टीम घटना स्थल पर पहुंच कर साक्ष्य संकलन किया है। इसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा कर पीएम के लिए भेज दिया है।

मृतक की पत्नी गीता के मुताबिक उनके पति कानून गो के पद पर तैनाती के बाद से ही काफी परेशान थे। उनके किसी साथी लेखपाल ने सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिया था। जिससे वे काफी चिंतित रहा करते थे। कभी कभी कहते थे कि बर्खास्त हो जाऊंगा।

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