उत्तराखंड: बिना रजिस्ट्रेशन देवभूमि में प्रवेश नहीं कर सकेंगे कांवड़िये, पुलिस ने जारी किया ये लिंक
हल्द्वानी,अमृत विचार। देवभूमि हरिद्वार में दो साल बाद हो रही कांवड़ यात्रा शुरू हो रही है। राज्य में चारधाम और श्री हेमकुंड साहिब यात्रा की तरह इस बार से कांवड़ यात्रा में भी रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को अनिवार्य किया जा रहा है। इस निर्णय को कई मायनों में अहम समझा जा रहा है। उत्तराखंड और उत्तर …
हल्द्वानी,अमृत विचार। देवभूमि हरिद्वार में दो साल बाद हो रही कांवड़ यात्रा शुरू हो रही है। राज्य में चारधाम और श्री हेमकुंड साहिब यात्रा की तरह इस बार से कांवड़ यात्रा में भी रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को अनिवार्य किया जा रहा है। इस निर्णय को कई मायनों में अहम समझा जा रहा है।
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के इस बड़े धार्मिक आयोजन की शुरुआत 14 जुलाई से होने जा रही है, जो 26 जुलाई तक चलेगी। श्रावण मास की यह कांवड़ यात्रा कितनी चुनौतीपूर्ण है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस बार लगभग 4 करोड़ कांवड़ियों के आने की सम्भावना है, जबकि वर्ष 2019 में 3 करोड़ कांवड़िये आये थे। कोरोना संक्रमण के चलते पिछले दो साल से कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित थी। कांवड़ियों की इस बड़ी संख्या को देखते हुए कांवड़ मेला क्षेत्र को 12 सुपर जोन, 31 जोन और 133 सेक्टरों में बांटा गया है।
सुरक्षा व्यवस्था में 12 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी लगाए जाएंगे। कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों द्वारा लाठी-डंडे, भाले व अन्य हथियार आदि लेकर चलने पर प्रतिबंध लगाया गया है जबकि डीजे का शोर भी नियमों के दायरे में रहेगा।
अब जो नया फैसला लिया गया है, उसके अनुसार कांवड़ियों को यात्रा शुरू करने से पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा। उत्तराखंड पुलिस ने पोर्टल पर इसका रजिस्ट्रेशन लिंक https://policecitizenportal.uk.gov.in/Kavad भी जारी किया है। उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार का कहना है कि रजिस्ट्रेशन साइट शनिवार को ही जारी कर दी गई है। सभी कांवड़िये पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करके ही कांवड मेले में आएं, जिससे उन्हें यात्रा में कोई असुविधा न हो।
इस कांवड़ यात्रा में यह भी तैयारी/प्रस्ताव
– उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड के सीमावर्ती प्रवेश बिंदुओं पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की जा रही है
– इसकी फीड हरिद्वार स्थित कंट्रोल रूम से भी शेयर की जाएगी
– डीजे एवं कांवड़ शिविरों में बजने वाले गानों की निगरानी की जाएगी
– कांवड़ यात्रा मार्ग पर नॉन वेज एवं शराब की दुकानें न हों
– कांवड़िये यात्रा से पूर्व अपने संबंधित थाने में सूचना दर्ज कराएंगे
– ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण हेतु यूनिफार्म योजना बनाने की सलाह
– सुरक्षा की दृष्टि से संपूर्ण यात्रा मार्ग सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन की निगरानी में रहेगा
– अंतर्राज्यीय बैरियरों/चौक पोस्ट- चिड़ियापुर बैरियर, नारसन चेकपोस्ट, लखनौता चेक पोस्ट, काली नदी बैरियर एवं गोवर्धन चेक पोस्ट पर संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सीमावर्ती प्रदेशों के साथ संयुक्त चेकिंग होगी।
