अयोध्या: मीटर की कमी के चलते लटके पड़े हैं सैकड़ों कनेक्शन, मची हाय-तौबा

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अयोध्या। सूबे की भाजपा सरकार की शीर्ष प्राथमिकता वाले जिला अयोध्या में विघुत व्यवस्था सुधार के दावों के बीच गहराए मीटर संकट ने पोल खोल कर रख दी है। जिले में छह महीने से मीटर की आपूर्ति पूरी तरह से ठप है और जनप्रतिनिधि व अफसर ढीगें मार रहे हैं। मीटर संकट इतना गहरा है …

अयोध्या। सूबे की भाजपा सरकार की शीर्ष प्राथमिकता वाले जिला अयोध्या में विघुत व्यवस्था सुधार के दावों के बीच गहराए मीटर संकट ने पोल खोल कर रख दी है। जिले में छह महीने से मीटर की आपूर्ति पूरी तरह से ठप है और जनप्रतिनिधि व अफसर ढीगें मार रहे हैं। मीटर संकट इतना गहरा है कि आवेदक तो परेशान हैं ही बिजली कर्मी भी हलकान हैं। इसका खुलासा ‘अमृत विचार’ की पड़ताल में हुआ।

मीटर की भारी किल्लत है

पड़ताल में सामने आया कि बीते छह महीने से जिले में बिजली के मीटरों की आपूर्ति ही नहीं हुई है। विभाग की ओर से बार-बार रिमाइंडर भेजे जाने के बाद भी लखनऊ मुख्यालय ने हाथ खड़े कर लिए हैं। अफसरों का तर्क है कि पूरे प्रदेश में ही मीटर की भारी किल्लत है, जिसके कारण आपूर्ति नहीं हो पा रही है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार केवल शहरी क्षेत्र में दस हजार से अधिक कनेक्शन के आवेदन मीटर के अभाव में लटके पड़े हैं। संबंधित उप केंद्रों के अवर अभियंता परेशान हैं कि आवेदकों को क्या जवाब दिया जाए। वहीं कनेक्शन के लिए लंबी प्रक्रिया के बाद आवेदक जब अंतिम चरण में पहुंच रहा है तो उसे कनेक्शन ही नहीं मिल रहा है। नगर क्षेत्र में 15 सब स्टेशन हैं जहां प्रतिमाह सौ से डेढ़ सौ आवेदन कनेक्शन के लिए आते हैं, जिनमें 60 फीसदी घरेलू और 40 फीसदी व्यवसायिक कनेक्शन के आवेदन होते हैं।

पड़ताल में पाया गया है वर्तमान में घरेलू और व्यवसायिक मिला कर कुल दस हजार कनेक्शन आवेदन लम्बित पड़े हुए हैं। आवेदन करने वाले हर दूसरे तीसरे दिन सब स्टेशन के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन मीटर न होने के कारण लाइन नहीं खींची जा रही है। यह हाल तब है जब अयोध्या सांसद लल्लू सिंह तक विघुत व्यवस्था में सुधार को लेकर अधिकारियों को लगातार चेतावनी देते रहते हैं। गंभीर बात यह है कि बुधवार को जिला विघुत समिति की बैठक तक में अफसरों ने मीटर संकट की सूचना नहीं दी। नतीजा जनप्रतिनिधियों तक को जिले में गहराए मीटर संकट के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

भीषण गर्मी में पसीना बहा रहे हैं आवेदक

तेलीटोला निवासी अशोक कुमार ने मई में बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया। सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी आज तक कनेक्शन नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि जब भी जाओ बताया जाता है कि मीटर आयेगा तभी कनेक्शन लगेगा। पड़ोसी से कनेक्शन लेकर किसी तरह काम चला रहे हैं। नाका के भूपेंद्र सिंह का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं अभी तक कनेक्शन नहीं हुआ। जितेंद्र रस्तोगी ने बताया नया मकान बनवाया था कनेक्शन नहीं हुआ नतीजा अभी किराये के घर में ही रह रहे हैं।

कनेक्शन न होना भी बिजली चोरी का बना कारण

विभागीय कर्मी दबी जुबान से कहते हैं मीटर संकट के चलते बिजली चोरी भी बढ़ी है, जिन्होंने आवेदन किया कनेक्शन न होने के कारण कटिया डाल कर काम चला रहे हैं। ऐसे में विघुतीय क्षति स्वाभाविक है।

जाने कितनी होती है मीटर की लागत

बिजली विभाग द्वारा मीटर की लागत किलोवाट कनेक्शन के हिसाब से तय है। हालांकि लागत में बढ़ोतरी भी होती रहती है। दो किलोवाट के लिए 900 और पांच किलो वाट के लिए 1200 चार्ज निर्धारित है। इससे ऊपर के वाट के लिए 1300 से 1500 देय होता है।

वास्तव में मीटर संकट है। प्रयास किया जा रहा है शीघ्र ही मीटर उपलब्ध हो जाए। मुख्यालय से ही सप्लाई होती है, पत्राचार किया जा रहा है।

प्रदीप कुमार वर्मा, अधिशासी अभियन्ता, विघुत वितरण खंड, प्रथम

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