लखनऊ : गर्भ में पल रहे बच्चे के खातिर रेखा से बनीं सना खान…पढ़ें पूरी खबर
लखनऊ । पहले तो नाम बदलकर युवती से शादी की और भरोसा तोड़ा। शादी के बाद युवती को प्रेमी की सच्चाई पता चली तो उसके पैरों से जमीं खिसक गई। उस वक्त प्रेमी दवाब ड़ाला कि अब निकाह और धर्मांतरण करना होगा। चूंकि युवती गर्भवती थी। मजबूरन रेखा को धर्म बदलकर सना बनना पड़ा। आखिर …
लखनऊ । पहले तो नाम बदलकर युवती से शादी की और भरोसा तोड़ा। शादी के बाद युवती को प्रेमी की सच्चाई पता चली तो उसके पैरों से जमीं खिसक गई। उस वक्त प्रेमी दवाब ड़ाला कि अब निकाह और धर्मांतरण करना होगा। चूंकि युवती गर्भवती थी। मजबूरन रेखा को धर्म बदलकर सना बनना पड़ा। आखिर जिस चीज का ड़र था वही हुआ। जिस शख्स के लिए उसने अपना धर्म बदला उसी ने युवती को दर-दर भटकने के लिए छोड़ दिया। बेटी को हक दिलाने के लिए युवती ने पुलिस से शिकायत की। बावजूद इसके पुलिस ने मुकदमा तक दर्ज नहीं किया। इसके बाद कोर्ट में अर्जी दायर की लेकिन राहत नहीं मिली। इंसाफ पाने की उम्मीद से वह पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगा रही है।

बतातें चलें कि करीब 11 साल पहले इस कहानी की शुरुआत हुई थी। हाईडिल कॉलोनी की रहने वाली रेखा की मुलाकात राजू से हुई। राजू पास में ही एक किराए के मकान में रहता था। पहले उनके बीच दोस्ती हुई, फिर दोस्ती प्यार में तब्दील हो गई। नई जिंदगी की शुरुआत करने के लिए रेखा राजू से शादी करने और घर बसानें का सपना बुननें लगी। प्यार की सारी हदें तोड़ कर दोनों के बीच शारीरिक सम्बन्ध बन गए।
जिसके बाद रेखा गर्भवती हो गई। जब उसने राजू से शादी करने को कहा तो वह आनकानी करने लगा। इसके बाद उनके रिश्ते के बीच लड़ाई-झगड़े की एक दीवार खड़ी हो गई। उस वक्त राजू ने कहा कि अगर शादी करनी है, तो धर्मांतरण करना होगा। यह सुनकर रेखा दंग रह गई। जिसे वो राजू समझती थी, वो कामरान है। न चाहते हुए रेखा ने अपने परिवारिक सदस्यों को गर्भवती होने की बात बताई। जिसके बाद घर वालों ने रेखा से सारे रिश्ते खत्म कर दिए। मजबूरन उसे कामरन की शर्त माननी पड़ी।

बता दें कि साल 2012 में रेखा ने धर्मांतरण कर लिया और वह रेखा से सना खान बन गई। मुस्लिम रीति-रिवाज से उनसे कामरान से निकाह किया। कई बार कहने पर उसने आर्य समाज में भी कामरान से शादी की। उस वक्त शादी में उसने अपना नाम सना खान नहीं बल्कि रेखा लिखवाया था।
इसके बाद दोनों की जिंदगी सामान्य तरीके से चलने लगी और रेखा ने एक बेटी को जन्म दिया। देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान कामरान रेखा और उसकी बेटी को छोड़कर चला गया और उसने अपना नंबर भी बंद कर दिया। महीनों तक रेखा उनके कॉल का इंतजार करने लगी लेकिन कामरान घर नहीं लौटा।
किसी तरह रेखा ने कामरान के पैतृक गांव फैजाबाद में सम्पर्क किया तो पता चला कामरान ने दूसरा निकाह कर लिया है। इसके बाद रेखा बेटी को लेकर कामरान की ससुराल पहुंची। जहां उसे धक्के देकर भगा दिया गया। इसके बाद रेखा ने महिला थाने में शिकायत दी। इसके बावजूद पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। फिर रेखा ने कोर्ट में अर्जी दायर की लेकिन राहत नहीं मिली। जब यह बात कामरान को पता चली तो वह धमकी देने लगा।
रेखा ने बताया कि अब वह गोमतीनगर में लोगों के घरों में काम करती है। बेटी को पढ़ा-लिखा रही है। वकीलों की फीस भरने के लिए वह दिनरात मेहनत कर रही है ताकि बेटी को न्याय मिल सके और कामरान को उसके किए की सजा।
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