संबित पात्रा का आरोप- नरेंद्र मोदी को बदनाम करने के लिए कांग्रेस ने तीस्ता सीतलवाड़ को 30 लाख रुपए दिए

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और तीस्ता सीतलवाड़ पर बड़ा जुबानी हमला किया है। उन्होंने कहा कि गुजरात दंगों के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तीस्ता सीतलवाड़ को 30 लाख रुपए दिए। आप सभी जानते हैं कि गुजरात दंगे में जिस प्रकार से …

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और तीस्ता सीतलवाड़ पर बड़ा जुबानी हमला किया है। उन्होंने कहा कि गुजरात दंगों के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तीस्ता सीतलवाड़ को 30 लाख रुपए दिए। आप सभी जानते हैं कि गुजरात दंगे में जिस प्रकार से गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को खराब करने, उन्हें अपमानित करने की चेष्ठा उस समय की रूलिंग राजनीतिक पार्टी कांग्रेस ने की थी और अब समय के साथ धीरे-धीरे सच्चाई सामने आ रही है।
सोनिया गांधी ने तीस्ता सीतलवाड़ को 30 लाख रुपए की पहली किश्त दी और ये पैसे अहमद पटेल ने पहुंचाए थे और ये तो सिर्फ पहली किश्त थी, इसके बाद ना जाने कितने करोड़ों रुपए सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी को बदनाम और अपमानित करने के लिए दिए।

चोरी-चोरी, चुपके-चुपके रात के अंधेरे में ये सभी षड्यंत्रकारी संजीव भट्ट, तीस्ता सीतलवाड़, कुमार अहमद पटेल के घर पर मिले। उसके बाद कांग्रेस के बड़े-बड़े दिग्गज नेताओं से मिले, सिर्फ इसलिए ताकि वो गुजरात की सरकार को गिरा सकें और नरेंद्र मोदी की छवि को खराब कर सकें।

संबित ने कहा कि मीडिया में आए एफिडेविट के अनुसार इस काम के लिए पैसे दिए गए, पहले क़िस्त के रूप में 30 लाख रुपये सोनिया गांधी जी ने तिस्ता सीतलवाड़ को दिए। अहमद पटेल हमारे बीच नहीं है, लेकिन उन्होंने तो केवल वो डिलीवरी की थी। ये 30 लाख उस जमाने में मात्र पहली किस्त के रूप में दिए गए थे। इसके बाद न जाने कितने करोडों रुपये सोनिया गांधी ने, नरेंद्र मोदी को अपमानित और बदनाम करने के लिए और केवल राहुल गांधी को प्रोमोट करने के लिए तिस्ता सीतलवाड़ का इस्तेमाल सोनिया गांधी ने किया।

आज एफिडेविट में ये सामने आया है कि षड्यंत्र के रचयिता सोनिया गांधी के पूर्व मुख्य राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल थे अहमद पटेल तो सिर्फ नाम है, इस सबके पीछे मुख्य रूप से सोनिया गांधी का नाम है। सोनिया गांधी जी ने गुजरात की छवि और नरेंद्र मोदी को अपमानित करने का षड्यंत्र रचा।

इस संदर्भ में गठित एसआईटी ने एफिडेविट कोर्ट के सामने रखा है। ये एफिडेविट कहता है कि तिस्ता सीतलवाड़ और उसके सहयोगी मानवता के तहत काम नहीं कर रहे थे। ये राजनीतिक मंसूबे के साथ काम कर रहे थे। इनके 2 ऑब्जेक्टिव थे। गुजरात की तब की सरकार को अस्थिर किया जाए। बेगुनाह लोगों को इसमें शामिल किया जाए। जिसमें नरेंद्र मोदी का भी नाम शामिल है।

गुजरात दंगे 2002 में जिस प्रकार नरेन्द्र मोदी को अपमानित करने की चेष्टा कांग्रेस ने षड्यन्त्र के तहत की थी, परत दर परत उसकी सच्चाई सामने आ रही है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कहा था कि कुछ लोग षड्यन्त्र के तहत इस विषय को जीवित रखने का प्रयत्न कर रहे थे तथा गलत तथ्य प्रस्तुत कर रहे थे और अब इन लोगों पर भी कानून का शिकंजा कसे।

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