रामपुर : जीएसटी के विरोध में भड़के व्यापारी, बंद रही मंडी
रामपुर,अमृत विचार। जीएसटी के विरोध व्यापारी भड़क गए और गल्ला मंडी बंद करने के बाद नवीन मंडल स्थल के गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। अनब्रांडेड वस्तुओं पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगने पर व्यापारी सड़कों पर आ गए। व्यापारी पूरे उत्तर प्रदेश में दाल मिल, राइस मील, फ्लोर मिल, गल्ला मंडी, गुड़ का व्यापार पर पांच …
रामपुर,अमृत विचार। जीएसटी के विरोध व्यापारी भड़क गए और गल्ला मंडी बंद करने के बाद नवीन मंडल स्थल के गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। अनब्रांडेड वस्तुओं पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगने पर व्यापारी सड़कों पर आ गए। व्यापारी पूरे उत्तर प्रदेश में दाल मिल, राइस मील, फ्लोर मिल, गल्ला मंडी, गुड़ का व्यापार पर पांच प्रतिशत जीएसटी के लगाए जाने के विरोध में बंद हैं। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं रामपुर जिला अध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा ने कहा अनाज, तिलहन और दालों पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाना गलत है।
डूंगरपुर स्थित नवीन मंडी स्थल पर व्यापारी एकत्र हुए और जीएसटी के विरोध में जोरदार नारेबाजी की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री शाहिद शम्सी ने कहा कि उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर शनिवार को पूरे प्रदेश में दाल मिल, राइस मिल, फ्लोर मिल, गुड़ का व्यापार बंद है और रामपुर के अंदर स्वार, टांडा, शाहबाद, बिलासपुर और शहर की सारी गल्ला मंडी बंद हैं।
जीएसटी काउंसलिंग की 47वीं बैठक में सभी प्रकार के अनब्रांडेड प्रीपैकस प्रीलेवल अनाज अरहर दाल, गेहूं ,चना, मुरमुरे, ऑर्गेनिक गुड़, आटा जैसा आवश्यक उपयोग में आने वाली आवश्यक वस्तुओं पर पांच प्रतिशत कर मंडी समिति में खड़े अनाज पर फूड लाइसेंस की अनिवार्यता को वापस लिए जाना चाहिए। वेयर हाउस में रखे जाने वाले कृषि उत्पाद एवं एक हजार रुपये तक होटल के कमरों पर प्रस्तावित 12 प्रतिशत जीएसटी व अस्पतालों पर पांच हजार रुपये से अधिक के बेड पर लगाए गए पांच प्रतिशत अतिरिक्त कर को वापस लिया जाए।
वर्ष 2017 से एक देश एक टैक्स के नाम पर लाया गया था जीएसटी कानून
देश में एक जुलाई 2017 से एक देश एक टैक्स के नाम पर जीएसटी को लाया गया था। जिसमें अभी तक हुई जीएसटी काउंसलिंग के 47वीं बैठक में 12 सौ से अधिक संशोधन किए जा चुके हैं। जिससे सरलता आने के बजाय दिन प्रतिदिन कठिनाइयां बढ़ती जा रही हैं। व्यापारी एवं कर अधिवक्ताओं के अत्यंत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि व्यापारी निरंतर मांग करता आया है कि ब्रांडेड जो खाद वस्तुएं हैं उनको भी जीएसटी की शृनय में लाया जाना चाहिए। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं कहा था कि आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी नहीं लगाया जाएगा। जीएसटी काउंसलिंग ने एफएसएसआई एक्ट का हवाला देकर लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट के अनुसार सभी खाद्य वस्तुएं पैकिंग होकर और प्रॉपर लेबल लगकर ही बिकेंगी। कहा कि पैकिंग वाले कोई भी सामान हो पांच प्रतिशत के दायरे में आए हुए हैं। चावल मील का, चावल पैक और लेबल लगाकर बिकेगा। मील का आटा, मील की दाल पर एवं लेवल लगकर बिकेगा और उन पर जीएसटी 18 जुलाई से लगा दिया जाएगा।
जीएसटी के दायरे में आए वेयरहाउस में रखे जाने वाले उत्पाद
वेयरहाउस में रखे जाने वाले कृषि उत्पाद मूंगफली, नारियल, मसाले, कॉटन आदि वस्तुएं जो अभी तक कर मुक्त के दायरे में थी इनको भी जीएसटी के दायरे में लाया गया है। जिलाध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि उन्हें पूर्व की भांति कर मुक्त की श्रेणी में रखा जाए। जीएसटी में विक्रेता की गलती का खामिया जीएसटी की काउंसलिंग अभी तक जीएसटी विवादों के निपटारे के लिए ट्रिब्यूनल बैंचों की स्थापना नहीं की गई। जिस कारण से व्यापारियों को अपने विवादों के निपटारे के लिए उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ती है।
धरना प्रदर्शन करने वालों में यह रहे शामिल
जिला अध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा, नगर अध्यक्ष शोएब मोहम्मद खान, नगर महामंत्री जगन्नाथ चावला, जिला महामंत्री शाहिद शमशी, मोहम्मद हारिस शम्सी, इमरान, सलीम, राम गुप्ता, उजैर अहमद, बिलाल शमसी, चंद्र प्रकाश रस्तोगी, प्रदीप खंडेलवाल, मुकेश रस्तोगी, मोहसिन खान, वाजिद अली, हरीश अरोड़ा, अनिल अरोड़ा, अजय अरोड़ा, श्याम अग्रवाल, जतिन सड़ाना आमिर खान आदि।
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