लखनऊ : ‘डिजिटल भूजल रथ’ को सीएम योगी ने झंडी दिखाकर किया रवाना, पानी बचाने को लेकर कही यह बात
लखनऊ, अमृत विचार । अगर हम कहीं से जल ले रहे हैं तो उसकी भरपाई होनी चाहिए। जैसे यदि किसी बैंक एकाउंट से केवल पैसा निकाला जाए और जमा न किया जाए तो एक समय आयेगा कि एकाउंट खाली हो जाएगा। यही स्थिति भूगर्भ जल के संबंध में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूजल की …
लखनऊ, अमृत विचार । अगर हम कहीं से जल ले रहे हैं तो उसकी भरपाई होनी चाहिए। जैसे यदि किसी बैंक एकाउंट से केवल पैसा निकाला जाए और जमा न किया जाए तो एक समय आयेगा कि एकाउंट खाली हो जाएगा। यही स्थिति भूगर्भ जल के संबंध में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूजल की बढ़ती मांग के बीच इसके घटते स्तर को कुछ इसी सरल भाषा में समझाने का प्रयास किया है। योगी ने साफतौर पर संदेश दिया कि अगर भूजल का दोहन किया है तो इसकी भरपाई भी हम करें।
मुख्यमंत्री रविवार को यहां अपने सरकारी आवास पर भूजल सप्ताह के अवसर पर अटल भूजल योजना के तहत विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार के लिए विकसित किये गये ‘डिजिटल भूजल रथ’ के फ्लैग ऑफ कार्यक्रम में विचार प्रकट कर रहे थे। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने डिजिटल भूजल रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मालूम हो कि इन दिनों भूजल सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। यह 22 जुलाई तक चलेगा।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में भूजल की मांग में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी हो रही है। अनियंत्रित और अविवेकपूर्ण दोहन तथा पुनर्भरण के अभाव में इसकी उपलब्धता और गुणवत्ता में कमी आ रही है। इसके प्रति प्रत्येक प्रदेशवासी को जागरूक करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जलशक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई एवं सूचना नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति अनुराग श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद और सूचना निदेशक शिशिर समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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