अयोध्या : संगोष्ठी में बताया जल का महत्त्व, संरक्षण के लिए सुझाये उपाय
बीकापुर/ अयोध्या, अमृत विचार । जल सभी के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन अगर इसका दुरूपयोग न रुका तो पूरी सृष्टि पर खतरा मंडराने लगेगा। जल एक सीमित संसाधन है जिसकी न तो प्रतिस्थापना या प्रतिलिपि की जा सकती है और न ही व्यावसायिक उत्पादन किया जा सकता है। भविष्य के लिए इसे संरक्षित करें। …
बीकापुर/ अयोध्या, अमृत विचार । जल सभी के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन अगर इसका दुरूपयोग न रुका तो पूरी सृष्टि पर खतरा मंडराने लगेगा। जल एक सीमित संसाधन है जिसकी न तो प्रतिस्थापना या प्रतिलिपि की जा सकती है और न ही व्यावसायिक उत्पादन किया जा सकता है। भविष्य के लिए इसे संरक्षित करें। यह बात सोमवार को विकासखंड सभागार में लघु सिंचाई व भूगर्भ जल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुई संगोष्ठी में बीडीओ चंद्र प्रकाश उपाध्याय ने कही।
उन्होंने बताया कि धरती में जल तेजी से कम हो रहा है। मानव की नासमझी से धरती में ऊपरी सतह का जल काफी दूषित भी हो चुका है। संयुक्त खंड विकास अधिकारी बद्री प्रसाद वर्मा ने बताया कि जन-जन तक जल पहुंचाना है तो जल संरक्षण अपनाना ही पड़ेगा।
संगोष्ठी को हाइड्रोलॉजिस्ट सपना सिंह व लघु सिंचाई विभाग के अवर अभियंता अजय गौतम ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने जल संरक्षण के उपायों के बारे में जानकारी दी। सहायक विकास अधिकारी , बद्रीनाथ पांडे, अजय तिवारी, अवनीश शुक्ला, राजेश चौधरी, अवधेश प्रताप सिंह, विजय कुमार आदि मौजूद रहे।
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