बहराइच: दवा प्रतिनिधियों ने मनाया एंटी विक्टिमाइजेशन डे, श्रम कानूनों की अवहेलना को लेकर एमआर संघ ने किया प्रदर्शन
बहराइच। एफएमआरएआई के आहवान पर मंगलवार को सभी दवा प्रतिनिधियों द्वारा देश भर में एंटी विक्टिमाइजेशन दिवस मनाया। सभी ने हड़ताल की चेतावनी दी। वेतन कटौती, श्रमिक उल्लंघन समेत अन्य मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। दवा प्रतिनिधियों ने मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। सभी ने कहा …
बहराइच। एफएमआरएआई के आहवान पर मंगलवार को सभी दवा प्रतिनिधियों द्वारा देश भर में एंटी विक्टिमाइजेशन दिवस मनाया। सभी ने हड़ताल की चेतावनी दी। वेतन कटौती, श्रमिक उल्लंघन समेत अन्य मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। दवा प्रतिनिधियों ने मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
सभी ने कहा कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो फाइजर, अल्बर्ट डेविड, हिमालया, एएफडी और टीटीके के सेल्स प्रमोशन एम्प्लॉय हड़ताल पर कर देंगे। एमआर संघ के सचिव पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि नियोक्ता विक्टिमाइजेशन को हथियार के रूप में इस्तेमाल न कर सके। इसके लिए संघर्ष को तेज करना होगा। जब भी श्रमिकों ने अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई तो मालिकों ने हमेशा उत्पीड़न को एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया है। श्रम कानूनों की अवहेलना करते हुए दवा उद्योग में बर्खास्तगी, वेतन में कटौती और मनमाने स्थानांतरण किए जा रहे हैं।
नियोक्ताओं द्वारा विक्रय प्रोत्साहन कर्मचारियों के उत्पीड़न के विरोध में लगातार संघर्ष होते रहे हैं। एफएमआरएआई के लंबे संघर्ष के बाद सेल्स प्रमोशन एम्प्लॉय (कंडीशन ऑफ सर्विस) एक्ट 1976 बना। मौजूदा श्रम कानूनों में संहिताकरण के नाम पर केंद्र सरकार की नीतियों के इशारे पर नव उदारवादी नीतियों का पालन किया जा रहा है। श्रमिकों के अधिकारों को समाप्त किया जा रहा है। सभी ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान स्थिति का लाभ उठाते हुए कई नियोक्ताओं ने सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों पर हमले किए हैं। हजारों कर्मचारियों की नौकरी चली गई है, और कई बर्खास्तगी अनुचित स्थानांतरण, वेतन रुकने, वेतन कटौती और विभिन्न माध्यमों से पीड़ित हुए हैं।

विक्रय संवर्धन कर्मचारियों को काम के बोझ में असहनीय वृद्धि और बिक्री से संबंधित मामलों पर प्रबंधन द्वारा गंभीर उत्पीड़न किया जाता है। हाल के दिनों में देश भर के नियोक्ताओं द्वारा सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों के उत्पीड़न की एक श्रृंखला शुरू की गई। संचालन बंद होने, उत्पादों की बिक्री में कमी आदि के कारण बड़े पैमाने पर छंटनी हो रही है। भारत में काम कर रही बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने पुनर्गठन व्यवसाय के भेष में प्रेरित स्थानांतरण, वेतन रोकने, रिर्पोटिंग पोर्टल पर ताला लगाने, फील्ड वर्कर्स की छटनी की है। कंपनियां फ्रेंचाइजी मार्केटिंग द्वारा विक्रय संवर्धन कार्य की बारहमासी प्रकृति को बदलने का लक्ष्य रख रही हैं।
इसी को लेकर उत्तर प्रदेश उत्तराखंड मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन शाखा द्वारा ज्ञापन श्रम सेवायोजन मंत्री भारत सरकार को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट ज्योति राय को सौंपा गया। धरने में संगठन के अध्यक्ष वी के पाठक राम, सहसचिव नीरज श्रीवास्तव, कार्यकारिणी सदस्य विनीत मिश्रा, जीशान, आनंद सिंह, श्याम पाण्डेय, पंकज त्रिगुणायत, विनोद ओझा, पुष्पेंद्र श्रीवास्तव, विनीत फ्रैंको, अंकित श्रीवास्तव, कुलदीप श्रीवास्तव, विशाल, मुजीब, नजीब सहित सैंकड़ों साथी उपस्थित रहे।
