मुरादाबाद: लीलावती ने दी अंतिम सांस तक अनशन की चेतावनी
मुरादाबाद, अमृत विचार। पुलिस-प्रशासन की वादाखिलाफी को लेकर शेर सिंह प्रकरण में लीलावती ने मंगलवार से एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। पुलिस-प्रशासन ने आरोपी पर धोखाधड़ी से करोड़ों की कीमत की जमीन हड़पने वाले सिपाही, उसके बेटे के खिलाफ गैंगस्टर, गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर जेल भेजने और जमीन को सरकारी संपत्ति घोषित …
मुरादाबाद, अमृत विचार। पुलिस-प्रशासन की वादाखिलाफी को लेकर शेर सिंह प्रकरण में लीलावती ने मंगलवार से एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। पुलिस-प्रशासन ने आरोपी पर धोखाधड़ी से करोड़ों की कीमत की जमीन हड़पने वाले सिपाही, उसके बेटे के खिलाफ गैंगस्टर, गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर जेल भेजने और जमीन को सरकारी संपत्ति घोषित करने का वायदा किया था। लीलावती ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस-प्रशासन ने अपना वायदा पूरा नहीं किया तो वह अंतिम सांस तक अनशन करेगी। इसके लिए महेंद्र पाल सिंह उसका बेटा नीतीश कुमार एवं पुलिस-प्रशासन जिम्मेदार होगा।
लीलावती ने बताया कि वर्ष 2011 में हिमगिरी कॉलोनी निवासी बर्खास्त एवं भूमाफिया घोषित सिपाही महेंद्र पाल सिंह व उसके बेटे नीतीश कुमार ने एग्रीमेंट के बहाने बिना रुपये दिए उनकी करोड़ों की पौने तीन बीघा जमीन का बैनामा उर्मिला देवी के नाम करा लिया था। तभी से वह और उसके पति शेर सिंह न्याय हेतु लड़ाई लड़ रहे थे। उनकी देवरानी वीरवती की बैनामा कराने के 15 दिन बाद ही सदमे में मृत्यु हो गई थी। इसके कुछ दिन बाद ही लीलावती के बेटे राजीव ने इलाज न होने के कारण दम तोड़ दिया था।
न्याय न मिलने पर उनके पति शेर सिंह घर पर ही अनशन पर बैठ गए थे। 15 दिन बाद शेर सिंह की मौत हो गई थी। तब जिला प्रशासन ने दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी थी। सिपाही महेंद्र पाल सिंह ने हमारी जमीन की श्रेणी बदलवाए एवं बिना एक ही दिन में मुस्लिम समाज के लोगों के नाम 13 बैनामे कर दिए थे। तब प्रशासन ने इस जमीन को राज्य सरकार की संपत्ति घोषित कराने का वायदा किया था। पुलिस-प्रशासन ने आरोपी बाप-बेटे की हिस्ट्रीशीट खोलकर गैंगस्टर एवं गुंडा एक्ट का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने का आश्वासन भी दिया था। मगर वह आज तक पूरा नहीं हुआ।
लकड़ी बेचकर कर रही गुजर-बसर
लीलावती का कहना है कि वह इस समय बहुत दुखी और परेशान है। जंगल से लाई लकड़ी बेचकर गुजर-बसर कर रही है। कभी सब्जी नहीं मिलती तो प्याज से ही रोटी खाकर सो जाती हैं। उन्होंने मांग कि है कि पुलिस-प्रशासन महेंद्रपाल सिंह व नीतीश कुमार को जेल भेजकर अपने वादे को पूरा करे। चेतावनी दी कि यदि जल्द मांग पूरी नहीं की जाती हैं तो मैं भी अपने पति की तरह अनशन पर बैठूंगी। मेरा अनशन अंतिम सांस तक जारी रहेगा। मेरी मौत के लिए महेंद्र पाल सिंह और उसका बेटा नीतीश कुमार तथा पुलिस-प्रशासन जिम्मेदार होगा।
