मुरादाबाद : स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों पर खिलाई गई बच्चों को कृमिनाशक गोली
मुरादाबाद, अमृत विचार। जिले के सरकारी, गैर सरकारी विद्यालयों व आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बुधवार को राष्ट्रीय कृमिनाशक दिवस पर 1-19 साल तक के बच्चों और किशोर-किशोरियों को पेट के कीड़े निकालने की दवा एल्बेंडाजोल खिलाने का अभियान शुरु हुआ। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर सीएमओ ने कंपोजिट स्कूल पीएसी में किया अभियान की शुरुआत जिले …
मुरादाबाद, अमृत विचार। जिले के सरकारी, गैर सरकारी विद्यालयों व आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बुधवार को राष्ट्रीय कृमिनाशक दिवस पर 1-19 साल तक के बच्चों और किशोर-किशोरियों को पेट के कीड़े निकालने की दवा एल्बेंडाजोल खिलाने का अभियान शुरु हुआ।
- राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर सीएमओ ने कंपोजिट स्कूल पीएसी में किया अभियान की शुरुआत
- जिले में 1-19 साल के 1663867 बच्चों को कृमिनाशक गोली खिलाने का है लक्ष्य
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एमसी गर्ग ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर कंपोजिट विद्यालय पीएसी और आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों को दवा खिलाकर अभियान शुरू किया। उन्होंने कहा कि अभिभावकों से अपील किया कि वह अपने बच्चों को पेट से कीड़े निकालने की दवा जरूर खिलाएं। जिससे उनके शारीरिक व मानसिक विकास में अवरोध पैदा न हो। उनकी पढ़ाई में किसी तरह की बाधा न आए।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ प्रवीन श्रीवास्तव ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों, सरकारी स्कूल, निजी स्कूल, अर्द्धसरकारी स्कूल, मदरसों में बच्चों को पेट से कीड़े निकालने की दवा खिलाने की शुरुआत हो गई है। किसी कारणवश जो बच्चे आज दवा खाने से वंचित रह जाएंगे, उन्हें मापअप राउंड में 25-27 जुलाई तक दवा खिलाई जाएगी। इस काम में आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर, एएनएम अल्पसंख्यक विभाग व स्वास्थ्य मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता किसी भी बच्चे की दवा उनके अभिभावकों को नहीं देंगी। अपने सामने दवा खिलानी होगी। नोडल अधिकारी ने बताया कि अगर किसी बच्चे का पहले से कोई इलाज चल रहा है और उस बच्चे के अभिभावक दवा देने से इंकार करते हैं तो उन्हें दवा नहीं दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिले में कुल 1663876 बच्चों को दवा देने का लक्ष्य निर्धारित है। इसमें ब्लॉक भगतपुर टांडा में 141985, बिलारी में 149277, छजलैट में 152869 , डींगरपुर में 199105, डिलारी में 144428, मुरादाबाद शहर में 504516, मूंढापाण्डे में 135737, मुरादाबाद में 100917 , ठाकुरद्वारा में 135042 बच्चों को दवा दी जानी है।
नोडल अधिकारी ने बताया कि पेट में कीड़े होने से बच्चों की शारीरिक के साथ ही मानसिक क्षमता पर भी असर पड़ता है। वह ठीक से याद नहीं कर पाते।
जो भी खाते-पीते हैं, वह उनके शरीर को नहीं लग पाता। पेट में कीड़े खाद्य पदार्थों के पोषक तत्व को शरीर के अन्य हिस्सों तक नहीं पहुंचने देते। बच्चों में खून की कमी भी हो जाती है। इसलिए छह माह के अंतर पर बच्चों को यह दवा जरूर देनी चाहिए। एक से दो साल तक के बच्चों को आधी गोली और 3-19 साल तक के बच्चों को पूरी गोली देनी है। यह गोली बच्चों को चबाकर खानी है या पीस कर खाने के लिए देनी है। खाली पेट दवा खाने से बचें।
अभियान के उद्घाटन के दौरान अरबन हेल्थ कोआर्डिनेटर प्रमोद कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक चंद्रशेखर सहित अन्य चिकित्साधिकारी, स्कूल के स्टाफ और आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्यकर्ता आदि उपस्थित रहे।
वहीं शहर से लेकर देहात के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी कार्यक्रम आयोजित कर आयु वर्ग के अनुसार बच्चों और किशोरों को कृमिनाशक दवा खिलाई गई।
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