Gyanvapi Mosque Case: SC में अक्टूबर के पहले हफ्ते में अगली सुनवाई, अदालत में गहमागहमी का माहौल
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को ज्ञानवापी मस्जिद मामले (Gyanvapi Mosque Case) में कहा कि वह अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी (जो ज्ञानवापी मस्जिद का प्रबंधन करती है) द्वारा दायर आवेदन पर वाराणसी जिला कोर्ट के फैसले का इंतजार करेगा, जिसमें हिंदू वादी द्वारा दायर मुकदमे की स्थिरता पर सवाल उठाया गया है। …
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को ज्ञानवापी मस्जिद मामले (Gyanvapi Mosque Case) में कहा कि वह अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी (जो ज्ञानवापी मस्जिद का प्रबंधन करती है) द्वारा दायर आवेदन पर वाराणसी जिला कोर्ट के फैसले का इंतजार करेगा, जिसमें हिंदू वादी द्वारा दायर मुकदमे की स्थिरता पर सवाल उठाया गया है। पीठ ने मस्जिद कमेटी द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका को अक्टूबर के पहले सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दिया, जिसमें मस्जिद के कमीशन सर्वेक्षण के सिविल कोर्ट के आदेशों को चुनौती दी गई है।
अदालत ने दो रिट याचिकाओं पर विचार करने से भी इनकार कर दिया, जो सर्वेक्षण के दौरान मस्जिद में पाए जाने वाले ‘शिवलिंग’ की पूजा करने के अधिकार की मांग करते हुए दायर की गई थीं और कार्बन डेटिंग और जीपीएस सर्वेक्षण की मांग कर रही थीं। अदालत ने कहा कि इस तरह के मुद्दों को सूट में ही उठाया जाना चाहिए, कानून के तहत उपलब्ध अन्य उपायों को आगे बढ़ाने की स्वतंत्रता के साथ याचिकाओं को वापस ले लिया गया।
सुनवाई के दौरान, जस्टिस चंद्रचूड़ ने सुझाव दिया कि कार्यवाही को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित नहीं रखा जा सकता है क्योंकि जिला न्यायालय आदेश 7 नियम 11 सीपीसी के तहत मुकदमे पर आपत्तियों और सीपीसी आदेश 26 के तहत एक आयोग की नियुक्ति पर आपत्तियों का निर्णय करने के लिए सक्षम है। मस्जिद कमेटी की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट हुज़ेफ़ा अहमदी ने जवाब दिया कि आयोग के सर्वेक्षण का आदेश पूर्व दृष्टया बिना अधिकार क्षेत्र के है।
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