बरेली: इंसीनेरेशन यूनिट से पॉलीथिन को जलाकर विश्वविद्यालय में बनेगी बायोगैस
बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा रुहेलखंड विश्वविद्यालय में जल्द ही जीरो वेस्ट नीति के तहत इंसीनिरेशन यूनिट लगाई जाएगी। इससे 600 डिग्री तापमान पर पॉलीथिन को जलाकर उसके मूल स्वरूप में लाया जाएगा। इससे बायो गैस का निर्माण किया जाएगा। यह बायोगैस विश्वविद्यालय के प्रयोगशाला में तथा हॉस्टल में विद्युत उत्पन्न करने के काम आएगी। इसका उद्देश्य …
बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा रुहेलखंड विश्वविद्यालय में जल्द ही जीरो वेस्ट नीति के तहत इंसीनिरेशन यूनिट लगाई जाएगी। इससे 600 डिग्री तापमान पर पॉलीथिन को जलाकर उसके मूल स्वरूप में लाया जाएगा। इससे बायो गैस का निर्माण किया जाएगा। यह बायोगैस विश्वविद्यालय के प्रयोगशाला में तथा हॉस्टल में विद्युत उत्पन्न करने के काम आएगी। इसका उद्देश्य पर्यावरण को स्वच्छ रखना तथा विश्वविद्यालय को आत्मनिर्भर बनाना है।
इससे पहले बोटैनिकल गार्डन (वानस्पतिक उद्यान) में ट्रैक्टर-ट्राॅली, श्रेडर व अन्य कृषि उपकरण खरीदकर आ चुके हैं। शनिवार को कुलपति प्रो. केपी सिंह ने सभी का पूजा पाठ कर उद्घाटन किया। कुलपति ने ट्रैक्टर व श्रेडर खुद चलाकर देखे। यह उपकरण विश्वविद्यालय परिसर में प्लांट वेस्ट, पेड़ों से झड़ी पत्तियां, घास फूस को एकत्र करके श्रेडर के द्वारा छोटे एवं महीन टुकड़ों में काट कर ऑर्गेनिक खाद बनाई जाएगी। यह बायोगैस तथा बायो फ्यूल बनाने की प्रक्रिया के प्राथमिक उपकरण हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार, प्रो. संजय गर्ग, प्रो. जे एन मौर्य, प्रो. एस के पांडे, प्रो. एसएस बेदी, डॉ. आलोक श्रीवास्तव, मीडिया प्रभारी डॉ. अमित सिंह, तपन वर्मा, सुधाकर मौर्य, सुधांशु शर्मा, सहित बड़ी संख्या में छात्र एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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