बरेली: जिले में मंडराया हेपेटाइटिस का खतरा, 35 कैदियों में पुष्टि
बरेली, अमृत विचार। कोरोना के साथ ही अन्य बीमारियों ने भी लोगों को अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। जिले में इस वर्ष हेपेटाइटिस सी और बी का खतरा मंडराने लगा है। इनके तेजी से नये मरीज सामने आ रहे हैं। हाल ही में शासनादेश के अनुपालन में जिले के केंद्रीय व जिला …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना के साथ ही अन्य बीमारियों ने भी लोगों को अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। जिले में इस वर्ष हेपेटाइटिस सी और बी का खतरा मंडराने लगा है। इनके तेजी से नये मरीज सामने आ रहे हैं। हाल ही में शासनादेश के अनुपालन में जिले के केंद्रीय व जिला कारागार में कैदियों की जांच की जा रही है। करीब 15 दिन में दोनों ही जेल के 900 से अधिक कैदियों की जांच की जा चुकी है, जिनमें 35 कैदी हेपेटाइटिस सी यानी काला पीलिया से ग्रसित मिले हैं। 30 जुलाई तक नियमित रूप से दोनों ही जेल के कैदियों की जांचे की जाएगी।
हेपेटाइटिस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. सीपी सिंह के अनुसार जिले में वर्तमान में हेपेटाइटिस सी के 600 और हेपेटाइटिस बी के 150 से अधिक मरीज पंजीकृत हैं। मरीजों की एलाइजा जांच कर सैंपल लखनऊ लैब को भेजा जा रहा है। वहीं जिला अस्पताल काे मंडल का उपचार केंद्र बनाया गया है, जहां मंगलवार और शुक्रवार दो दिन हेपेटाइटिस की ओपीडी संचालित की जा रही है। दोनों ही दिन 60 से अधिक मरीज ओपीडी में आकर इलाज और परामर्श ले रहे हैं।
क्या होता है काला पीलिया
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वागीश वैश्य के अनुसार काला पीलिया एक आम यकृत विकार हैं, जो कि कई असामान्य चिकित्सा कारणों की वजह से हो सकता है। काला पीलिया होने पर किसी व्यक्ति को सिर दर्द, लो-ग्रेड बुखार, मतली और उल्टी, भूख कम लगना, त्वचा में खुजली और थकान आदि लक्षण होते हैं। त्वचा और आंखों का सफेद भाग पीला पड़ जाता है। इस प्रकार के लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेकर जांच कराएं।
यह भी पढ़ें- बरेली: डीपीआरओ ने गायब अभिलेखों का पंचायत सचिव से मांगा जवाब, धीमी कार्य गति होने पर लगाई फटकार
