लखनऊ : रिटायर्ड स्वास्थ्य निदेशक से हड़पे लाखों रुपये…जाने कैसे की ठगी
लखनऊ । राजधानी में साइबर ठगी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। कहीं जालसाज विद्युत कर्मी या फिर लिंक भेज कर लोगों की जमा पूंजी हड़प लेते हैं। एक ऐसा ही मामला गोमतीनगर कोतवाली पुलिस ने अपनी केस डायरी में दर्ज किया है। जहां साइबर ठग ने स्वयं को विद्युत कर्मी बताते हुए रिटायर्ड स्वास्थ्य …
लखनऊ । राजधानी में साइबर ठगी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। कहीं जालसाज विद्युत कर्मी या फिर लिंक भेज कर लोगों की जमा पूंजी हड़प लेते हैं। एक ऐसा ही मामला गोमतीनगर कोतवाली पुलिस ने अपनी केस डायरी में दर्ज किया है। जहां साइबर ठग ने स्वयं को विद्युत कर्मी बताते हुए रिटायर्ड स्वास्थ्य निदेशक से लाखों रुपये हड़प लिए हैं। ठगे जाने बाद स्वास्थ्य निदेशक ने गोमतीनगर कोतवाली में तहरीर दी। इसके बाद पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए साइबर क्राइम सेल को जांच सौपी हैं।
गोमतीनगर थानाक्षेत्र के विकासखंड निवासी अजय कुमार पांडे रिटायर्ड स्वास्थ्य निदेशक है। उन्होंने बताया कि बीते 23 जुलाई की दोपहर करीब 12:19 बजे उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया। जिसमें लिखा था कि आपका बिजली का बिल अपडेट नहीं हैं, अत: 9:30 बजे तक बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके साथ ही जालसाज ने उस मैसेज में इलेक्ट्रीसिटी आफिसर का नंबर भेजकर सम्पर्क करने की बात कही।
बता दें कि पीड़ित ने जालसाज के द्वारा भेजे गए नंबर पर संपर्क किया। इस दौरान जालसाज ने पीड़ित को बताया कि आपका बिजली बिल जमा हो चुका लेकिन वह अपडेट नहीं है। इसके बाद जालसाज ने बिल को अपडेट करने का हवाला देते हुए एक लिंक भेजा और अपडेट के नाम पर 10 रुपये शुल्क देने की बात कही।
बता दें कि जालसाज के बहकावे में आकर पीड़ित ने लिंक ओपन कर दी और 10 रुपये शुल्क दे दिया। इसके बाद जालसाज ने लिंक भेज कर ओटीपी नंबर हासिल कर लिया और कुछ मिनट बाद जालसाज ने पीड़ित के खाते से तीन किश्तों में करीब 1 लाख रुपये पार कर दिए। रुपयों की निकासी का मैसेज आने पर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उसने गोमतीनगर कोतवाली में तहरीर देते हुए मुकदमा दर्ज कराया है।
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