अंतरिक्ष में दिखा अद्भुत नजारा, NASA के जेम्स वेब टेलीस्कोप ने ली शानदार तस्वीर
ह्यूस्टन। नासा का जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप आए दिन अंतरिक्ष की दुनिया में नई खोज कर रहा है। अब इस टेलीस्कोप ने एक दुर्लभ गैलेक्सी का पता लगाया है। जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप ने अंतरिक्ष में एक ऐसी गैलेक्सी की फोटो ली है, जो रथ के पहिए जैसी दिखाई दे रही है या यूं कहें चक्र …
ह्यूस्टन। नासा का जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप आए दिन अंतरिक्ष की दुनिया में नई खोज कर रहा है। अब इस टेलीस्कोप ने एक दुर्लभ गैलेक्सी का पता लगाया है। जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप ने अंतरिक्ष में एक ऐसी गैलेक्सी की फोटो ली है, जो रथ के पहिए जैसी दिखाई दे रही है या यूं कहें चक्र की तरह है। इस गोलाकार आकाशगंगा के अंदर तारे का निर्माण भी हो रहा है। वैज्ञानिकों ने इस गैलेक्सी को कार्टव्हीलनाम दिया है। ये गैलेक्सी एक बड़ी स्पाइरल गैलेक्सी और एक छोटी स्पाइरल गैकेक्सी के टकराने से बनी है।
James Webb Space Telescope sees stars form in strange wheel-shaped galaxy https://t.co/FSPpSbyztT pic.twitter.com/1FkwFoSNs1
— SPACE.com (@SPACEdotcom) August 2, 2022
जेम्स वेब टेलिस्कोप के NIRCam और MIRI ने गैलेक्सी के अंदर तारों के निर्माण की तस्वीर ली हैं। इस तस्वीर में कई युवा तारे तो समूह में हैं। कार्टव्हील गैलेक्सी के केंद्र में विशालकाय ब्लैक होल भी है, जिसके चारों तरफ तारों का निर्माण हो रहा है। इनके बीच में धूल है जो घूम रही है। यह गैलेक्सी धरती से 50 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर स्क्लप्चर नक्षत्र में मौजूद है। यह एक बेहद दुर्लभ प्रकार की गैलेक्सी है। ऐसा इसकी आकृति की वजह से है। कार्टव्हील हमारी आकाशगंगा की तरह ही स्पाइरल थी। लेकिन 70 से 80 करोड़ प्रकाश वर्ष पहले यह एक और गैलेक्सी से टकरा गई, फिर इसका आकार बदल गया। अब यह रथ के पहिए की तरह गोलाकार हो चुकी है।
Webb is on a roll! ?
This new @NASAWebb near and mid-infrared composite image highlights the Cartwheel Galaxy, the result of a high-speed collision that occurred about 440 million years ago, along with two neighboring galaxies. Get the details: https://t.co/c8lEVBBlub pic.twitter.com/eVe8m0k6N7
— NASA (@NASA) August 2, 2022
कार्टव्हील गैलेक्सी में अब दो रिंग्स बने हैं। एक जिसने गैलेक्सी के मध्य को घेर रखा है। दूसरा चारों तरफ बड़ा घेरा। दोनों घेरे इस तरह से बने हैं जैसे तालाब में पत्थर डालने के बाद लहरें निकलती हैं। बाहर की लहर गैस और धूल को अंतरिक्ष में बाहर निकालती रहती है। इस गैलेक्सी में जहां भी नए तारों का निर्माण हो रहा वो स्थान नीली रोशनी से दिखाए गए हैं।
44 मिलियन वर्षों से फैल रही है गैलेक्सी
गैलेक्सी की बाहरी रिंग बीते 44 मिलियन साल से फैल रही है। ये वही जगह है, जहां सितारों का जन्म होता है और यहीं पर सितारों में विस्फोट होता है। जैसे ही रिंग बढ़ता है, वह गैस से टकराता है, जिससे नए सितारों का जन्म होता है। इस तस्वीर में गैलेक्सी के पास दो छोटी गैलेक्सी भी दिखाई दे रही हैं।
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