बदायूं: असली बताकर बेच रहे थे नकली चांदी, तीन गिरफ्तार
अमृत विचार, उझानी। चांदी को सोना बताकर बेचने तो कभी सोने के नाम पर पीली धातु बेचकर ठगी के अक्सर ही मामले सामने आते हैं। यह लोग गिरोह में काम करते हैं। ऐसे ही एक गिरोह के तीन सदस्यों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है जबकि गिरोह का एक सदस्य पकड़ से दूर है। …
अमृत विचार, उझानी। चांदी को सोना बताकर बेचने तो कभी सोने के नाम पर पीली धातु बेचकर ठगी के अक्सर ही मामले सामने आते हैं। यह लोग गिरोह में काम करते हैं। ऐसे ही एक गिरोह के तीन सदस्यों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है जबकि गिरोह का एक सदस्य पकड़ से दूर है।
आरोपी चांदी की असली आभूषण दिखाकर डिलीवरी के समय नकली पकड़ा देते थे। तीनों आरोपियों के पास से पांच किलो 400 ग्राम नकली चांदी, कार और अवैध असलाह बरामद किया। धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करते हुए जेल भेजा गया है। ठगी करने से पहले घर-घर जाकर कपड़े बेचने का काम करने की वजह से उन्हें क्षेत्र की पूरी जानकारी है।
गुरुवार को कोतवाली पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी। पुलिस बिल्सी रोड पर शिवाश्रम के पास पहुंच गई। जहां जिला संभल के थाना असमोली क्षेत्र के गांव बिलालपत निवासी आबिद पुत्र शमशाद, संभल के रामनगर चौराहा निवासी महबूब पुत्र अय्यूब और इसी चौराहा निवासी रब्बानी पुत्र रमजानी को रोककर पूछताछ की और तलाशी ली। जिनके पास से पांच किलो 400 ग्राम की 24 गले की चेन, 24 हाथ की घड़ी, तीन जोड़ी पायल नई और दो गले की पुरानी चेन, एक कार डीएल 5 सीके 1985, एक तमंचा व दो कारतूस, एक चाकू बरामद किया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वह तीनों फेरी लगाते हुए घर-घर जाकर कपड़े बेचते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात संभल के थाना हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र के गांव ततारपुर के नौशाद पुत्र नन्हें से हुई। उसने कहा कि कपड़े की फेरी में कुछ नहीं बचता। वह नकली चांदी के जेवर बनवा लेता है। वह बेचते रहना। जिसमें बहुत फायदा होगा। तीनों आरोपी उसकी बातों में आ गए। फेरी करने का काम छोड़कर नकली चांदी बेचने का काम करने लगे।
जिसमें मुनाफा होने लगा। कुछ दिन पहले 24 हजार रुपये की नकली चांदी एक व्यक्ति को बेची थी। वह सौदा करते समय असली चेन दिखाते हैं और डिलीवरी के समय नकली चेन थमा देते हैं। जो देखने में बिल्कुल असली लगती है। गुरुवार को भी नकली चांदी की चेन बेचने आए थे। तीन लाख रुपये में डील तय हुई थी। दो हजार रुपये एडवांस भी मिल गया था। शेष रुपये लेने के लिए शिवाश्रम के पास खड़े थे और पुलिस ने पकड़ लिया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक हरपाल सिंह बालियान, अनुपम, बलराम सिंह, अतेंद्र कुमार रहे।
यह भी पढ़ें- बदायूं: युवक की मौत, परिजनों ने मोर्चरी में जिंदा समझ किया हंगामा
