लखनऊ : सावधान ! आपकी जमा पूंजी पर है जालसाजों की नजर….जानें पूरा मामला

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लखनऊ। साइबर जालसाजों ने छात्र समेत चार के खातों से 6.04 लाख रुपये उड़ा लिए। कहीं जालसाज ने हॉस्पिटल का एपाइंटमेंट दिलाने के नाम पर फंसाया तो कहीं हैक व बैंककर्मी बनकर ठगा। ठगी के यह मामले गौतमपल्ली, विभूतिखण्ड, आशियाना व कैंट के हैं। पुलिस चारों मामलों को दर्ज कर साइबर क्राइम सेल की मदद …

लखनऊ। साइबर जालसाजों ने छात्र समेत चार के खातों से 6.04 लाख रुपये उड़ा लिए। कहीं जालसाज ने हॉस्पिटल का एपाइंटमेंट दिलाने के नाम पर फंसाया तो कहीं हैक व बैंककर्मी बनकर ठगा। ठगी के यह मामले गौतमपल्ली, विभूतिखण्ड, आशियाना व कैंट के हैं। पुलिस चारों मामलों को दर्ज कर साइबर क्राइम सेल की मदद से पड़ताल कर रही है।

मूल रूप से प्रतापगढ़ जनपद निवासी वीरेन्द्र कुमार गौतमपल्ली के जियामऊ स्थित मानसनगर में रहते हैं। उनका बचत खाता एक बैंक में है। बीते रविवार को उन्होंने गूगल पर सर्च कर आइकॉन हॉस्पिटल का नम्बर हासिल किया। दिये गये नम्बर पर एपाइंटमेंट लेने के लिए कॉल की। कुछ देर बाद कॉल आयी। पूछा कि आपने एपाइंटमेंट के लिए कॉल की थी। वीरेन्द्र ने हां में जवाब दिया। इसके बाद जालसाज ने मरीज की डिटेल भरने की बात कहकर एक लिंक भेजा। साथ ही कहा कि पांच रुपये का डेबिट कार्ड से पेमेंट कर टोकन ले लीजिए। ठगी से अंजान वीरेन्द्र ने जैसे ही ट्रांजक्शन किया। उनके खाते से चार बार में 49373 रुपये निकल गये। पीडि़त ने गौतमपल्ली थाने में धोखाधड़ी व आईटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज करायी है।

पहली घटना :- विशालखण्ड-2 निवासी अक्षय सिंह सपरिवार रहते हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले विभूतिखण्ड के एक रेस्त्रां में खाने के बाद कार्ड से पेमेंट किया था। आरोप है कि जालसाज ने उनके क्रेडिट कार्ड को हैक कर खाते से चार बार में 4.60 लाख रुपये पार कर दिये गये। मैसेज आने पर उन्हें धोखाधड़ी का एहसास हुआ। बता दें कि पड़ताल में सामने आया कि सिंगापुर में गूगल एड का भुगतान करने के लिए फिलिपीन्स में लेनदेन हुआ है। पीड़ित की शिकायत पर विभूतिंखड कोतवाली पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

दूसरी घटना : आशियाना के एलडीए कालोनी सेक्टर-के निवासी रावेन्द्र सिंह चौहान का बचत खाता एक्सिस बैंक में है। उन्होंने बताया कि बीते एक अगस्त को वे गूगल पर ऑनलाइन सेवा सर्च कर रहे थे। साइट पर दिये गये नम्बर पर व्हाट्सएप पर बात करने को कहा गया। सम्पर्क किया तो एक नंबर से पेटीएम पर हजार रुपये जमा करने को कहा गया। जालसाज ने रुपये रिफंडबल का झांसा देकर कई बार में 66 हजार रुपये ऐंठ लिए। डिमांड बढ़ती देख पीडि़त को शक हुआ। पड़ताल की तो पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है। पीडि़त की तहरीर पर आशियाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

तीसरी घटना : कैंट थानाक्षेत्र के दिलकुशा स्थित डिफेंस कालोनी निवासी गोविंद प्रसाद का बचत खाता एसबीआई में है। कुछ दिनों पहले उनके पास एक कॉल आयी। फोन के पीछे मौजूद युवती ने अपना परिचय बैंक के क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट के रूप में दिया। फिर बातों में फंसाकर जानकारी हासिल कर खाते से 28992 रुपये गायब कर दिये। बैंक में शिकायत करने के बाद गोविंद ने कैंट कोतवाली में आईटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज करायी है।

चौथी घटना : अशर्फीबाद क्षेत्र निवासिनी प्रियंका चौरसिया विभूतिखण्ड के वन अवध मॉल में काम करती हैं। उनका बचत खाता एक्सिस बैंक में है। उन्होंने बताया कि 30 जुलाई की सुबह जब आफिस के लिए निकला तो पर्स में एटीएम कार्ड था। दिनभर उन्होंने पर्स नहीं चेक किया। रात करीब पौने नौ बजे वह आफिस से घर जाने के लिए निकली। इसी बीच मोबाइल पर दो बार में 10-10 हजार रुपये निकलने का मैसेज आया। यह देख उनके होश उड़ गये। पर्स चेक किया तो एटीएम कार्ड नहीं था। प्रियंका का कहना है कि पड़ताल करने पर पता चला कि रुपये मुंशी पुलिया स्थित एटीएम बूथ से निकले हैं। उन्होंने विभूतिखण्ड थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी है।

पांचवीं घटना : मूलरूप से प्रतापगढ़ जनपद के सिंगाही निवासिनी शिवांगी उर्फ काजल के पति पवन कुमार मिश्रा सैन्यकर्मी हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती जम्मू कश्मीर में हैं। शिवांगी ने बताया कि वर्ष 2021 में पवन को उनके मित्र रिटायर सैन्यकर्मी राज बहादुर सिंह ने अहिमामऊ शहीद पथ स्थित सार्इंदाता रोड के पास एक प्लॉट के बारे में बताया था। बता दें कि पवन ने मित्र के साले कमलेन्द्र प्रताप सिंह से प्लॉट खरीदने के संबंध में बात की।

फिर 24 फरवरी 2021 को राज बहादुर सिंह व राजकुमार शुक्ला की मौजूदगी में प्लॉट खरीदने के संबंध में एग्रीमेंट हुआ। एग्रीमेंट के दौरान पवन ने कमलेन्द्र के खाते में प्लॉट के 13 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिये। एग्रीमेंट में विक्रेता कमलेन्द्र प्रताप सिंह थे। साथ ही प्लॉट का बाउण्ड्री निर्माण के लिए पवन ने कमलेन्द्र के जीजा राज बहादुर सिंह को 75 हजार रुपये नकद दिये थे। एग्रीमेंट के तहत 3 मार्च को प्लॉट शिवांगी के नाम पर बैनामा कर दिया जाएगा।

अगर तय तारीख पर बैनामा नहीं होता है तो सारी रकम वापस की जाएगी। तय तारीख तक बैनामा न होने पर पवन ने कमलेन्द्र व राज बहादुर को कॉल की तो वे टालमटोल करने लगे। पीडि़त ने रुपये वापस मांगे तो आनाकानी करने लगे। पवन के दबाव बनाने पर कमलेन्द्र ने 16 अप्रैल को एक माह के अंदर रुपये वापस करने का लिखित आश्वासन दिया। इसके एवज में दो चेक 13.75 लाख रुपये का दिया। तय वक्त बाद शिवांगी ने चेक खाते में लगाया तो वह बाउंस हो गया।

शिवांगी ने एसीपी गोसार्इंगंज से मुलाकात से मामले की शिकायत की। शुरुआती जांच में आरोप सही मिलने पर एसीपी के निर्देश पर सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने राज बहादुर सिंह, कमलेन्द्र प्रताप सिंह व राजकुमार शुक्ला के खिलाफ अमानत में खयानत की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

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