हरदोई : दो साल बाद निकला मोहर्रम का जुलूस

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कछौना, हरदोई। मंगलवार को ग्राम गौरी ख़ालसा में अशरे आशूर को अलविदाई मजलिस बारगाहे हुसैनी की मजलिस सिरसी मुरादाबाद से आये मौलाना अफाक़ आलम साहब ने खिताब की उन्होंने अपने बयान में बताया कि कर्बला में किस तरह से मोहम्मद साहब के नवासे को कर्बला के मैदान में दुनिया के सबसे बड़े पहले आतंकवादी यजीद …

कछौना, हरदोई। मंगलवार को ग्राम गौरी ख़ालसा में अशरे आशूर को अलविदाई मजलिस बारगाहे हुसैनी की मजलिस सिरसी मुरादाबाद से आये मौलाना अफाक़ आलम साहब ने खिताब की उन्होंने अपने बयान में बताया कि कर्बला में किस तरह से मोहम्मद साहब के नवासे को कर्बला के मैदान में दुनिया के सबसे बड़े पहले आतंकवादी यजीद इब्ने माविया ने शहीद किया।

इस मंज़र को लोग सुनकर बिलख-बिलख कर रो पड़े। उसके बाद दरगाह हज़रत अब्बास की मजलिस मौलाना मोहमद अली साहब ने खिताब की, उसके बाद गाँव की सभी अंजुमनों के नौहा ख्वानी व सीनाजनी की सबसे पहले अन्जुमन अब्बासिया, हैदरी, मसूमिया, शामें गरीबां , असगरिया, पंजतनी और सबसे आखिर में अन्जुमन मज़लूमिया ने दरगाह हज़रत अब्बास से कमा व ज़ंजीर का जुलूस निकाला। इसके बाद पूरा जुलूस क़दीमी रास्तों से होता हुए कर्बला पहुँचा।

इस दौरान मुबारक हुसैन, अज़ीम हैदर ग्राम प्रधान, मौलाना अमीर अब्बास, मौलाना मक़सद, मौलाना ग़ुलाम अब्बास, शायरे अहलेबैत ज़फर मेंहदी किरदार, इल्तिफ़ात हुसैन और तमाम लोग मौजूद रहे है।

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