कानपुर : चुनाव में एलीवेटेड रोड के सपने बेचे, बाद में भूल गए

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। विधानसभा चुनाव से पहले शहर को जाम से मुक्त करने के लिए एलीवेट रोड के कई प्रोजेक्ट जनता के सामने पेश किए गए थे। दावा किया गया था कि चुनाव बाद इन पर काम होगा और शहर जाम से मुक्त हो जाएगा, लेकिन चुनाव खत्म हो गया पर हुआ कुछ नहीं। सपनों …

कानपुर, अमृत विचार। विधानसभा चुनाव से पहले शहर को जाम से मुक्त करने के लिए एलीवेट रोड के कई प्रोजेक्ट जनता के सामने पेश किए गए थे। दावा किया गया था कि चुनाव बाद इन पर काम होगा और शहर जाम से मुक्त हो जाएगा, लेकिन चुनाव खत्म हो गया पर हुआ कुछ नहीं। सपनों के सौदागर भी शांत हो गए और अब फाइल आलमारियों में बंद हो गईं। रामादेवी से गोल चौराहा तक फोर लेन एलीवेटेड रोड के प्रोजेक्ट का शिलान्यास भी कर दिया गया था, लेकिन इसे तो बंद करने की योजना है।

जाम रोक देता जीटी रोड पर वाहनों की गति
बड़ा चौराहा से रामादेवी तक 10.88 किलोमीटर लंबे फोर लेन एलीवेटेड रोड की परियोजना का शिलान्यास सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले की थी। एक हजार करोड़ रुपये से इसका निर्माण होना है। इसके बन जाने के बाद कोकाकोला क्रासिंग, जरीब चौकी, गुमटी, अफीम कोठी, झकरकटी, टाटमिल पर जाम नहीं लगेगा, लेकिन यह प्रोजेक्ट अब शायद ही मूर्त रूप ले। यदि अनवरगंज- मंधना रेल रूट पर एलीवेटेड ट्रैक बनेगा तो इसे रद किया जाएगा। अन्यथा फिर इस पर विचार होगा।

चिड़ियाघर से गुरुदेव चौराहा तक एलीवेटेड रोड
चिड़ियाघर से लगभग सौ मीटर आगे से गुरुदेव चौराहा तक एलीवेटेड रोड बनाने की योजना मंडलायुक्त की अध्यक्षता वाली समग्र विकास समिति ने तैयार किया था। इस प्रोजेक्ट पर भी चुनाव से पहले ही पहल हुई। इसके निर्माण से होने वाले फायदे को लेकर लंबे चौड़े दावे किए गए पर हुआ कुछ नहीं। इस मार्ग के किनारे ही सिग्नचेर सिटी में 1150 फ्लैट और व्यावसायिक कांप्लेक्स का निर्माण केडीए कर रहा है। बस स्टेशन भी यहां बन गया है। ऐसे में अब जाम की समस्या होगी।

वीआईपी रोड के लिए बना प्रोजेक्ट भी ठंडे बस्ते में
वीआईपी रोड पर जाम बड़ी समस्या है। खास कर कचहरी के पास सबसे ज्यादा जाम लगता है। इसके समाधान के लिए ही 3445 मीटर लंबा एलीवेटेड रोड बनाने की योजना तीन साल पहले बनी। विधानसभा चुनाव से पहले इसका भी खूब ढिंढोरा पीटा गया। इसके निर्माण में 3.15 अरब रुपये खर्च होने हैं। इसका एस्टीमेट भी बना और कहा गया गया कि इसे सरसैया घाट पर बनने वाले पुल से जोड़ा जाएगा, लेकिन न तो सरसैया घाट पुल मूर्त रूप ले सका और न ही एलीवेटेड रोड। पीडब्ल्यूडी मुख्यालय पर फाइल डंप है।

बड़ाचौराहा पर जाम बना रहेगा मुसीबत
बड़ा चौराहा, मूलगंज चौराहा, मेस्टन रोड और कोतवाली चौराहे पर खूब जाम लगता है। इस समस्या के समाधान के लिए ही चेतना चौराहा से बड़ा चौराहा को पार करते हुए लाटूश रोड तक तीन लेन के फ्लाईओवर की योजना ठीक विधानसभा चुनाव के पहले बनी। खूब दावे किए गए। सेतु निर्माण निगम ने 1964 मीटर लंबे इस फ्लाईओवर के लिए 177 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा।

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