शाहजहांपुर: सामूहिक राष्ट्रगान गाकर शहरवासी बोले…वंदे मातरम
अमृत विचार, शाहजहांपुर। अमृत विचार और स्वाभिमान प्रहरी सेवा समिति के अध्यक्ष राजकमल वाजपेई के तत्वावधान में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर खिरनीबाग रामलीला मैदान में सामूहिक राष्ट्रगान का आयोजन किया गया। इस दौरान उमड़े शहर के वाशिंदे देशभक्ति के रंग में रंगे दिखे। ठीक 05.55 बजे वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के मुख्य …
अमृत विचार, शाहजहांपुर। अमृत विचार और स्वाभिमान प्रहरी सेवा समिति के अध्यक्ष राजकमल वाजपेई के तत्वावधान में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर खिरनीबाग रामलीला मैदान में सामूहिक राष्ट्रगान का आयोजन किया गया। इस दौरान उमड़े शहर के वाशिंदे देशभक्ति के रंग में रंगे दिखे। ठीक 05.55 बजे वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के मुख्य आतिथ्य में सामूहिक राष्ट्रगान प्रारंभ हुआ तो सभी के चेहरे पर गर्व झलकता नजर आया।
सामूहिक राष्ट्रगान सूर्यास्त से ठीक पहले संपन्न होना था। साढ़े चार बजे से ही खिरनीबाग रामलीला मैदान की ओर देशभक्ति में झूमते हुए आजादी के मतवाले हाथ में तिरंगा लहराते हुए मैदान में आते जा रहे थे। इस बीच आकर्षक आतिशबाजी की गई। साढ़े पांच बजे तक मैदान खचाखच भर चुका था। हाथों में तिरंगा थामे भीड़ का दृश्य देखते ही बन रहा था।
मंच से युवाओं को राष्ट्रगान के लिए कतारबद्ध करने के लिए अध्यक्ष राजकमल वाजपेई लगातार निर्देशित कर रहे थे। ठीक 05.40 बजे वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और सांसद अरुण कुमार सागर अपने लाव लश्कर के साथ पहुंचे। तिरंगे गुब्बारों को उड़ाकर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
पश्चात वित्त मंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के 75वें वर्ष पर एकजुटता का संदेश दिया। इसके बाद राष्ट्रगान का आयोजन हुआ। जनगणमन की संगीतमयी धुन के साथ लोगों ने राष्ट्रगान गाया और भारतमाता की जय, वंदे मातरम…वंदे…मातरम का उद्घोष किया। पश्चात वित्त मंत्री सहित अथितियों ने शहीद स्मारक पर 75 मोमबत्तियां जलाईं और नगर निगम तिराहे तक मौन जुलूस निकालकर विभाजन विभीषिका दिवस मनाया।
भारत को जो अपना समझे, उससे हमें कोई बैर नहीं
सामूहिक राष्ट्रगान कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने प्रेरणादायक गीत पंक्तियां गाकर लोगों को भाव विभोर कर दिया। उन्होंने सुनाया- भारत को जो अपना समझे, उससे हमें कोई बैर नहीं। धरती पर रहने वाला, अपना है कोई गैर नहीं। वित्त मंत्री की इन पंक्तियों के गाने पर कार्यक्रम में मौजूद दर्शक भी गुनगुनाने लगे।
पश्चात उन्होंने कहा कि देश की राष्ट्रीय भावना जितनी मजबूत होगी, उतनी ही एकता मजबूत होगी। देश की आजादी के लिए अनगिनत लोगों ने जान न्योछावर कर दी। देश के लिए लोग हंसते हंसते फांसी पर चढ़ गए। आज वैसे हालात नहीं, लेकिन राष्ट्रीय भावना और एकजुटता जरूरी है।
