लखनऊ : “वन्देमातरम् गौरव गान” में दिखा उत्साह… जानें पूरा मामला
लखनऊ । भारतीय स्वाधीनता के अमृत महोत्सव ने भारतीय इतिहास के अनेक विस्मृत एवं अज्ञात प्रसंगों और व्यक्तित्वों को सामने लाने का अनुपम अवसर प्रदान किया है। संस्कार भारती द्वारा “वन्देमातरम् गौरव गान” कार्यक्रम के अन्तर्गत ऐसे ही प्रेरक प्रसंग तथा श्रेष्ठ कला साधक पंडित ओमकार नाथ ठाकुर जिनके द्वारा 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र …
लखनऊ । भारतीय स्वाधीनता के अमृत महोत्सव ने भारतीय इतिहास के अनेक विस्मृत एवं अज्ञात प्रसंगों और व्यक्तित्वों को सामने लाने का अनुपम अवसर प्रदान किया है। संस्कार भारती द्वारा “वन्देमातरम् गौरव गान” कार्यक्रम के अन्तर्गत ऐसे ही प्रेरक प्रसंग तथा श्रेष्ठ कला साधक पंडित ओमकार नाथ ठाकुर जिनके द्वारा 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र भारत के प्रथम सूर्योदय पर आकाशवाणी से प्रात: 6.30 बजे सम्पूर्ण वन्देमातरम् का गायन किया गया ।
सोमवार को संस्कार भारती अवध प्रान्त द्वारा इस प्रसंग को स्मरण करते हुए स्वाधीनता से स्वतंत्रता को ओर, वन्दे मातरम् गौरवगान का आयोजन प्रात: 6:30 मिनट पर – शहीद स्मारक स्थल, कैसरबाग लखनऊ में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वन्दना से हुई।
इसके बाद देशगीत – जय भारती वन्दे भारती, सम्पूर्ण वन्देमातरम् गायन और भारत माता की आरती प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर संगीत कला संस्थान की ऋद्धिमा श्रीवास्तव, अभिरूक श्रीवास्तव, प्रियांश सिंह, किरन वर्मा, प्रिया सोनी, कामाक्षी वर्मा, सावित्री, अनुपमा वर्मा, अविनाश पंडित, आशीष राय शामिल थे।
बता दें कि कार्यक्रम का शुभारम्भ संस्कार भारती अवध प्रान्त अध्यक्ष अंशु टंडन, महामन्त्री डा.संजीव कुमार गौतम, नाट्य विधा संयोजक ललित सिंह पोखरियाल, संगीत विधा संयोजक डाॅ पूनम श्रीवास्तव, सहमहामन्त्री दुर्गेश्वर रामजी ने द्वीप प्रज्जवलित कर किया गया।
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