कानपुर: दो भाइयों ने सौतेली बहन के साथ किया दुष्कर्म, वीडियो बनाकर करते थे ब्लेकमेल, पीड़िता ने कही अपनी आपबीती
कानपुर। यूपी के कानपुर में हुए बहन के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आ रहा हैं। जहां एक 16 साल की सौतेली बहन से 2 सगे भाईयों ने दुष्कर्म किया था। आपको बता दें कि बहन के साथ दुष्कर्म करने वाले 2 सगे भाइयों को बजरिया थाने की पुलिस ने मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया। …
कानपुर। यूपी के कानपुर में हुए बहन के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आ रहा हैं। जहां एक 16 साल की सौतेली बहन से 2 सगे भाईयों ने दुष्कर्म किया था। आपको बता दें कि बहन के साथ दुष्कर्म करने वाले 2 सगे भाइयों को बजरिया थाने की पुलिस ने मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया।
जब मामले को लेकर पुलिस ने जांच पड़ताल की तब सामने आया कि आरोपी भाई ने नाबालिग का अश्लील वीडियो भी बना लिया था। दोनों सगे भाई लड़की का वीडियों वायरल करने के धमकी देते थे और उसे बदनाम करने की बात कहते थे जिसके चलते दोनों आरोपी पीड़िता के साथ लगातार रेप कर रहे थे।
मामले को लेकर जब पुलिस ने जांच की तब खुलासा हुआ की आरोपियों के मां-बाप ने पीड़िता को अवैध तरीके से 2013 में यतीमखाना से गोद लिया था। जिसके चलते गोदनामा संबंधी कोई दस्तावेज भी नहीं दिखा सके हैं। फिसहाल दुष्कर्म करने वाले दोनों आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा जाएगा।
जानें पीड़िता से जुड़ी जानकारी
जांच के दौरान पता चला की पीड़िता बांदा की रहने वाली है। 2013 में उसकी मां का निधन हो गया था। जिसके बाद उसके पिता ने अपनी तीन बेटियों को उसके ननिहाल में छोड़ दिया था। मगर बूरा तो तब हुआ जब ननिहाल वालों ने भी तीनों बेटियों को बांदा के यतीमखाना में डाल दिया। जिसके बाद यतीमखाना की संरक्षिका ने 2013 में अपने नजदीकी कानपुर नाला रोड के पास निवासी कारोबारी महबूब अली और उनकी पत्नी शाहजहां बेगम को अवैध तरीके से एक बच्ची को गोद दे दिया। उस दौरान नाबालिग की उम्र महज पांच साल की थी।
जब पीड़िता के साथ हुए रेपकांड की बात घर में खुली तो 2019 में वापस नाबालिग पीड़िता को यतीमखाना में डाल दिया। इतना ही नहीं यतीमखाना में गलत जानकारी दी गई कि उसके पिता जिंदा नहीं है। इसके चलते उसे यतीमखाना में आसानी से रख लिया गया था।
पीड़िता ने कही अपनी आपबीती – “उम्र छोटी थी, मुझे बहकाया गया”
पीड़िता यतीमखाना में रह रही थी जिसके बाद किशोरी ने 14 अगस्त की रात को अपनी नस काट ली थी। उसे उर्सला में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। मामला पुलिस तक पहुंचा, तो उसके साथ हुए दुष्कर्म का मामले का खुलासा हुआ। आपको बता दें कि पीड़िता ने अपने साथ हुए घिनोनी हरकत का एक वीडियो भी जारी किया था जिसमे किशोरी मे बताया कि, “मेरी बड़ी बहन को गोद लिया गया था फिर उन्होंने मुझे बहकाया, महबूब अली ने कहा वहां जाओगी तो तुम्हें मार डालेंगे। उस दौरान मैं छोटी थी इसलिए मैंने जाने से इंकार कर दिया। इसके बाद महबूब के दो लड़के साउद बड़ा और दाऊद छोटा था।
उनके छोटे लड़का मेरे साथ गलत हरकत करता था, मेरा मुंह भी दबाता, जबरदस्ती करता और मुझे टैबलेट लाकर देता था। जब हम चिल्लाने की कोशिश करते तो कहता की तुम ही फंसोगी, क्योंकि हम तो मम्मी के सगे हैं, तुम तो सौतेली हो। इसी डर की वजह से हम नहीं बताते। उसके बाद स्कूल में बता दिया। जिसके बाद मुझे यतीमखाना में डालने का फैसला किया।
मेरे पापा की तबीयत खराब रहती थी। शुगर के मरीज थे, महबूब अली खां, उनकी बीबी शाहजहां बेगम सब उन्हें बादशाह कहते हैं। उन्होंने कहा यतीमखाना जा रही हो। वहां किसी को मत बताना की मेरे पापा जिंदा है। कहना की एक्सीडेंट में पापा मर गए और मां का इंतकाल हो गया। जबकि मेरी मां का सच में इंतकाल हो गया था, लेकिन मेरे पापा जिंदा हैं। जब मेरे पापा यतीमखाना लेने आए तो यहां वाले मिलने नही दे रहे हैं।”
मामले को लेकर एसीपी सीसामऊ निशंक शर्मा ने बताया, “कारोबारी महबूब अली खां गोदनामा से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। नियम के अनुसार, जिस घर में दो बेटे हैं, वहां बेटी गोद देने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है।”
आगे एसीपी ने आगे बताया, “गोद ली हुई बच्ची के साथ कारोबारी के दोनों बेटे सऊद और दाऊद ने साल 2017 से 2018 के बीच रेप किया। लगातार सालों उसका यौन उत्पीड़न करते रहे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने बच्ची के कई सारे अश्लील वीडियो बना लिए थे। उसे धमकाया था कि अगर अपना मुंह खोला तो घर में वीडियो दिखा देंगे। इसके बाद तुम्हें घर से भगा दिया जाएगा क्योंकि तुम सौतेली हो और हम सगे। तुम्हारी बात का कोई विश्वास भी नहीं करेगा।”
पुलिस की लापरवाही आईं सामने
मामले में कर्नलगंज थाने की पुलिस ने हर कदम पर लापरवाही की थी जोकि अब सामने आई है। नस काटने के बाद बच्ची के बयान दर्ज करने पहुंचे कर्नलगंज थाना प्रभारी बलराम मिश्रा ने आरोपी के परिवार से सांठगांठ करके मामले को ही दबा दिया। जिला बाल कल्याण समिति को भी मामले की जानकारी नहीं दी। अफसरों तक बात पहुंचने पर मामले में कार्रवाई की गई।
मामले पर एक्शन लेते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को मंगलवार देर रात बांदा से गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा जाएगा। साथ ही साथ पीड़िता का बुधवार को मेडिकल कराने के साथ ही बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जाएगा। बाल कल्याण समिति भी बच्ची के बयान दर्ज करके मामले की सच्चाई की जांच अपने स्तर से करेगी।
पढ़ें-लखनऊ : मदद के बहाने किराना व्यापारी ने बंधक बनाकर किया दुष्कर्म…जानें पूरा मामला
