मुरादाबाद : …तब यहीं बेपटरी हुई थी राज्यरानी एक्सप्रेस
आशुतोष मिश्र/ मुरादाबाद, अमृत विचार। कोसी नदी पूर्वी किनारा और हाईवे पुल के बीच का क्षेत्र रेलवे को डरा दे रहा है। जहां दूध से भरा वाहन रेल पटरी पर गिरा है, वहीं राज्यरानी बेपटरी हुई थी। तब रेल पटरी टूटने से सुपरफास्ट राज्यरानी एक्सप्रेस के आठ डिब्बे पटरी से उतर गए थे। जबकि, मंगलवार …
आशुतोष मिश्र/ मुरादाबाद, अमृत विचार। कोसी नदी पूर्वी किनारा और हाईवे पुल के बीच का क्षेत्र रेलवे को डरा दे रहा है। जहां दूध से भरा वाहन रेल पटरी पर गिरा है, वहीं राज्यरानी बेपटरी हुई थी। तब रेल पटरी टूटने से सुपरफास्ट राज्यरानी एक्सप्रेस के आठ डिब्बे पटरी से उतर गए थे। जबकि, मंगलवार तड़के यहां लखनऊ-सहारनपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस बाल-बाल बची। घटना की जानकारी मिलने के बाद चालक ने गाड़ी को आपात ब्रेक के जरिए रोका।
रेल प्रबंधन की तत्परता के बाद भी दिल्ली- लखनऊ रेल खंड पर पांच घंटे ट्रेनों का आना-जाना बंद रहा। सुबह के 8: 20 बजे रूट बहाल हो पाया, जबकि भोर के 3: 20 बजे रेल पटरी पर दूध भरा वाहन गिरा था। यानी की यह क्षेत्र रेलवे के लिए संवेदनशील साबित हो रहा है। वर्ष 2017 के 15 अप्रैल की सुबह मेरठ से लखनऊ जाने वाली राज्यरानी एक्सप्रेस (22454) के आठ डिब्बे सुबह 8:15 बजे रामपुर के पहले एनएच पुल के पास कोसी नदी के पार बेपटरी हो गए थे। 14 डिब्बो की गाड़ी में आठ कोच पटरी से गिर गए थे, जिसमें चार डिब्बे तो पूरी तरह उलट गए थे।
मुरादाबाद से चलकर ट्रेन सुबह 8:05 बजे मूंढापांडे स्टेशन से गुजरी थी। 10 मिनट बाद ही तेज आवाज के साथ कोच बेपटरी हो गए। साइरन बजने के बाद रेल प्रबंधन अलर्ट हो गया था। राहत ट्रेन से इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर पहुंचे थे। लखनऊ से लेकर रेल मुख्यालय तक के अधिकारी सक्रिय हो गए थे। बड़ौदा हाउस की टीम ने मौका मुआयना किया था। तत्कालीन डीआरएम प्रमोद कुमार मौके पर पहुंचे थे।
घटना के बाद दिल्ली- लखनऊ और लखनऊ- पंजाब रेलमार्ग पूरी तरह ठप हो गया था। उधर, दर्जन से अधिक घायलों को रामपुर के जिला अस्पताल एवं वहां के निजी अस्पतालों में भेजा गया। सात घायलों को रामपुर में अस्पताल में भर्ती कराया था।
मुख्यमंत्री ने किया था मदद का ऐलान
राज्यरानी एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीर रूप से घायलों को 50 हजार और मामूली रूप से घायलों को 25 हजार मुआवजा देने का ऐलान किया था। तब सिंचाई राज्य मंत्री महेंद्र सिंह औलख घायलों को मदद उपलब्ध कराने और प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार को मॉनीटरिंग के निर्देश थे।।
रेल मंत्री ने तत्काल लिया था मामले का संज्ञान
तब रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने ट्वीट कर कहा था, मैं खुद हालात पर नजर रख रहा हूं, सीनियर अफसरों को मौके पर जाने के आदेश दिए गए हैं। घायल लोगों को तुरंत मदद के भी इंस्ट्रक्शन दिए गए हैं। हादसे की जांच के आदेश दिए गए हैं।
एटीएस को सौंपी गई थी जांच
हादसे के बाद पुलिस और रेलवे प्रशासन की ओर से राहत कार्य शुरू हुए थे। रेलवे ने हादसे में 15 लोगों का घायल होना स्वीकार किया था। जबकि रेलवे प्रवक्ता ने हादसे में कोई क्षति स्वीकर नहीं की थी। एटीएस की टीम मौके पर पहुंची थी। बाद में पुलिस ने रेलवे अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। आरडीएसओ की रिपोर्ट के बाद 14 कर्मचारी दोषी पाए गए थे। रेल पटरी टूटने से हादसा हुआ था। ट्रेन की गति 100 किमी प्रति घंटा के पास रही थी।
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