मथुरा: पैर पसारने लगी एलएसडी नामक बीमारी, सीडीओ ने बताए बचाव के तरीके

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अमृत विचार मथुरा। राजस्थान के बाद अब मथुरा के पशुओं में भी लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) नामक बीमारी फैलने लगी है जिले में अब 39 पशु इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। इस बीमारी से पशुओं को बचाने ते लिए अभी जिला प्रशासन के पास वैक्सीन तक नहीं है। पशुओं में लगातार पैर …

अमृत विचार मथुरा। राजस्थान के बाद अब मथुरा के पशुओं में भी लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) नामक बीमारी फैलने लगी है जिले में अब 39 पशु इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। इस बीमारी से पशुओं को बचाने ते लिए अभी जिला प्रशासन के पास वैक्सीन तक नहीं है। पशुओं में लगातार पैर पसारती बीमारी के मद्देनजर रविवार को सीडीओ डॉ. नितिन गौड की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में बैठक हुई।

बैठक में सीडीओ डॉ नितिन गॉड व मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने डीआरडीए, डीसी, एनआएलएन, खण्ड विकास अधिकारी तथा ग्राम विकास तथा पंचायत अधिकारियों को बीमारी के लक्षण तथा बचाव के उपाय बताएं।

इस दौरान सीडीओ ने बताया कि यह वायरस से होने वाला संक्रामक रोग है। इसमें मुख्यतः गौवंश एंव महिषवंशीय पशुओं में रोज बुखार, आँख व नाक से पानी गिरना, पैरों में सूजन, पूरे शरीर पर कठोर चपटी गॉठ उभर आना, जैसे लक्षण पाय जाते है। यह रोग बीमार पशु की लार, नाक से बहने वाले स्थाव आदि में पाये जाते हैं। जो मच्छर, मक्खी, किलीली आदि के द्वारा एक पशु से दूसरे पशु में फैलते हैं।

इसके अलावा यह रोग स्वस्थ पशुओं में बीमार पशुओं के संपर्क से भी आपस में फैलता है। रोग की रोकथाम के सम्बन्ध में अवगत कराया कि प्रभावित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखे तथा कीडों से बचाव के लिए कीट निवारक दवाओं का प्रयोग करें। पशुशाला में फोगिंग एवं सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव करें।पशुओं के आवागमन व खरीद फरोख्त न करें ।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 योगेन्द्र सिंह पंवार ने बताया कि बीमारी मनुष्यों को प्रभावित नहीं करती है। पशु पालक अपने बीमार पशुओं के संपर्क में आने के बाद स्वस्थ पशु के पास जाने से पहले अच्छी तरह से हाथ धोकर एवं सैनीट्राईजेशन के बाद ही जायें। पशु बाड़ों एवं उसके आस-पास साफ सफाई एवं स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें।

पशुबाड़े या गौशाला में नियमित चारा दाना देने के अलावा अनावश्यक व्यक्तियों वाहनों आदि के आगमन न होने दें। यदि किसी पशु की मृत्यु होती है तो उसके शव का विधिवत निस्तारण करें तथा शव को खुले में न फेंके। पशु के बीमार होने पर 0565-2979502 एवं 0565-2972412 l पर सूचना अवश्य दें। इसके साथ ही पशुपालकों को जागरूक करें ताकि इस बीमारी को रोका जा सके।

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